शाहजहाँपुर: जनपद के किसानों की समस्याओं के निस्तारण और उन्हें आधुनिक खेती की योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट स्थित बिस्मिल सभागार में 'किसान दिवस' का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में न केवल किसानों की शिकायतों को सुना गया, बल्कि उन्हें 'कार्बन क्रेडिट' जैसी योजनाओं से लाभान्वित होने के गुर भी सिखाए गए।
किसान दिवस की बैठक के दौरान उपस्थित अन्नदाताओं ने 'कार्बन क्रेडिट' से होने वाले आर्थिक लाभ को लेकर अपनी विशेष जिज्ञासा जाहिर की। इस महत्वपूर्ण विषय पर प्रकाश डालते हुए वन विभाग के उप क्षेत्रीय अधिकारी अजय सिंह राना ने बताया कि जो किसान अपने खेतों में यूकेलिप्टस या पॉपलर के पेड़ लगा रहे हैं, उनके लिए आय का यह एक बेहतरीन अतिरिक्त जरिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इन पेड़ों का अंकन किसान की खतौनी में दर्ज है, तो वे सीधे वन विभाग के कार्यालय में अपना आवेदन दे सकते हैं। प्रक्रिया की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि ऑनलाइन सर्वे और बैंक विवरण फीड होने के बाद, भारत सरकार द्वारा निर्धारित कार्बन क्रेडिट की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी। इस पहल को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने वन विभाग को निर्देश दिए कि वे इसके लिए बाकायदा पंजीकरण का लक्ष्य निर्धारित करें और हर महीने इसकी प्रगति की समीक्षा सुनिश्चित करें। बैठक के समापन सत्र में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अपराजिता सिंह सहित कृषि, सहकारिता, उद्यान, गन्ना, पशुपालन, विद्युत और सिंचाई जैसे सभी प्रमुख विभागों के जनपद स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में जिला कृषि अधिकारी ने सभी उपस्थित अधिकारियों और कृषक बंधुओं का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी के समक्ष कुल 13 शिकायतें आईं, जिनमें ग्रामीण बुनियादी ढांचे और बिजली से संबंधित समस्याओं का बोलबाला रहा। बिजली विभाग से जुड़ी समस्याओं को लेकर ग्राम ददिउरा के पंकज दीक्षित और दहेलिया निवासी शिवम ने घरों के ऊपर से गुजर रही 11000 वोल्ट की खतरनाक लाइनों और रास्तों में बाधा बन रहे खंभों को हटाने की पुरजोर मांग की। वहीं, भारतीय किसान यूनियन के प्रभारी प्रेम शंकर वाजपेयी ने गलत बिजली बिलों में सुधार का मुद्दा उठाते हुए विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। क्षेत्रीय विकास और पर्यावरण के मुद्दे पर चर्चा करते हुए ग्राम चचुआपुर के निवासियों ने गंगा घाट दहेलिया तक जाने वाले ढाई किलोमीटर लंबे चकरोड की जर्जर हालत सुधारने के लिए मरम्मत की गुहार लगाई। इसी क्रम में ग्राम परसरा-परसरी के वेदपाल सिंह ने दौलतपुर से सिंधीपुर तक के 30 किलोमीटर मार्ग के दोनों किनारों पर सघन वृक्षारोपण का प्रस्ताव रखा। इसके अतिरिक्त, व्यक्तिगत खेती से जुड़ी समस्याओं के तहत ग्राम नवलपुर चिंता के किसान श्रीराम ने अपने निजी सागौन के पेड़ों के कटान और उनकी बिक्री के लिए प्रशासनिक अनुमति मांगी। इन सभी विषयों पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
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