स्कूल वाहनों पर परिवहन विभाग की बड़ी कार्रवाई, 2 बसें सीज, 3 का चालान

खबर सार :-

परिवहन विभाग ने एक अभियान चलाया जिसके दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए दो स्कूल बसों को सीज किया गया, तीन बसों का चालान किया गया तथा चार अन्य बसों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।
स्कूल वाहनों पर परिवहन विभाग की बड़ी कार्रवाई, 2 बसें सीज, 3 का चालान

खबर विस्तार : -

रामपुरः रामपुर में स्कूली बच्चों की सुरक्षित एवं सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने विशेष अभियान चलाकर स्कूल वाहनों की सघन जांच की। परिवहन आयुक्त के आदेश के क्रम में ‘सेफ फ्यूचर अभियान’ के तहत जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। 

एआरटीओ ने दी अभियान की जानकारी

अभियान के दौरान परिवहन विभाग की टीम ने जिले के विभिन्न विद्यालयों से संबंधित कुल 27 स्कूल बसों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान वाहनों के दस्तावेज, फिटनेस, सुरक्षा उपकरण, पंजीकरण और अन्य आवश्यक मानकों की गहन पड़ताल की गई। कई वाहनों में परिवहन नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की गई।

एआरटीओ राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जांच के दौरान पांच विद्यालयों के वाहनों की विशेष रूप से जांच की गई। इस दौरान दो ऐसी बसें मिलीं, जो संबंधित विद्यालयों के नाम पर पंजीकृत नहीं थीं, लेकिन उन्हीं स्कूलों के बच्चों का परिवहन कर रही थीं। इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए दोनों बसों को तत्काल थाना शहजादनगर में सीज करा दिया गया।

इसके अलावा तीन स्कूल बसों में परिवहन नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर उनका चालान किया गया। वहीं चार अन्य बसों में विभिन्न तकनीकी और सुरक्षा संबंधी कमियां पाए जाने पर संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए निर्धारित समय के भीतर सभी कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।

नियमों का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई

जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विद्यालय प्रबंधनों और वाहन संचालकों को निर्देश दिए कि स्कूल बसों का संचालन केवल निर्धारित सुरक्षा मानकों, वैध दस्तावेजों और परिवहन नियमों के अनुरूप ही किया जाए। भविष्य में भी ऐसे विशेष जांच अभियान लगातार जारी रहेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने अभिभावकों से भी बच्चों की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चे को स्कूल वाहन से भेजने से पहले अभिभावक छह महत्वपूर्ण बिंदुओं की अवश्य जांच करें। इनमें चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस होना, बस में फर्स्ट एड (मेडिकल) बॉक्स उपलब्ध होना, कार्यशील अग्निशामक यंत्र लगा होना, वाहन का वैध फिटनेस प्रमाणपत्र होना, वैध बीमा होना तथा स्कूल बस पर विद्यालय का नाम और संपर्क नंबर स्पष्ट रूप से अंकित होना शामिल है।

उन्होंने कहा कि अभिभावकों की जागरूकता बच्चों की सुरक्षा की सबसे मजबूत कड़ी है। यदि किसी स्कूल वाहन में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है या कोई गंभीर अनियमितता दिखाई देती है, तो इसकी सूचना तत्काल एआरटीओ अथवा परिवहन विभाग के संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। प्रशासन का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि प्रत्येक छात्र को सुरक्षित और भरोसेमंद परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराना है।

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