रामपुर: भारत गार्डन में उमड़ा 'मातृ शक्ति' का सैलाब, डीएम ने 3500 महिलाओं को बनाया पंचायत एंबेसडर

खबर सार :-
रामपुर के भारत गार्डन में आयोजित विशाल कार्यशाला में 3500 महिलाओं को 'पंचायत एंबेसडर' बनाया गया। डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने महिला समूहों को 4.54 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की।

रामपुर: भारत गार्डन में उमड़ा 'मातृ शक्ति' का सैलाब, डीएम ने 3500 महिलाओं को बनाया पंचायत एंबेसडर
खबर विस्तार : -

रामपुर: उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। बरेली रोड स्थित भारत गार्डन में आयोजित एक विशाल जिला स्तरीय कार्यशाला में जिले भर की करीब 3,500 महिलाओं ने हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम के जरिए न केवल महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया, बल्कि करोड़ों रुपये की आर्थिक सहायता देकर उनके स्वावलंबन का मार्ग भी प्रशस्त किया गया।

3500 महिलाएं बनीं 'ग्राम पंचायत एंबेसडर'

भारत गार्डन में आयोजित इस भव्य कार्यशाला की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धि जिला प्रशासन द्वारा जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत से आई पांच-पांच प्रबुद्ध महिलाओं को 'ग्राम पंचायत एंबेसडर' (राजदूत) के रूप में नामित करना रहा। इस नई जिम्मेदारी के साथ अब ये 3500 महिलाएं अपने-अपने क्षेत्रों में विकास और जागरूकता की नई इबारत लिखेंगी। इन नव-नियुक्त एंबेसडर्स को प्रोत्साहित करते हुए जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने कहा कि आज से आप सभी महिलाएं अपनी ग्राम पंचायत में प्रशासन की प्रतिनिधि के तौर पर कार्य करेंगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि आप केवल प्रतिभागी नहीं, बल्कि अपने गांव की सशक्त आवाज हैं। जिलाधिकारी ने महिलाओं से अपील की कि वे अपने गांवों में जाकर नियमित रूप से चौपालें आयोजित करें और शासन की जन-कल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ महिलाओं को उनके कानूनी व सामाजिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने का बीड़ा उठाएं।

स्वयं सहायता समूहों को 4.54 करोड़ का 'बूस्टर डोज'

महिलाओं को आर्थिक रूप से सुदृढ़ और स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में प्रशासन ने एक बड़ा निवेश किया है, जिसे स्वयं सहायता समूहों के लिए '4.54 करोड़ का बूस्टर डोज' माना जा रहा है। राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत जिले की महिला शक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से कार्यक्रम के दौरान कुल 4.54 करोड़ रुपये की भारी-भरकम धनराशि का वितरण चेक के माध्यम से किया गया। इसमें मुख्य रूप से जिले के 275 सीआईएफ (कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड) समूहों को 4.42 करोड़ रुपये प्रदान किए गए, ताकि वे अपने लघु उद्योगों को विस्तार दे सकें। इसके अतिरिक्त, 41 आरएफ (रिवॉल्विंग फंड) समूहों को भी 12.50 लाख रुपये की वित्तीय सहायता सौंपी गई। अधिकारियों का मानना है कि यह निवेश ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे उद्योगों को नई गति प्रदान करेगा और महिलाओं के स्वावलंबन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

खंड विकास अधिकारियों (BDO) को कड़े निर्देश

डीएम ने स्पष्ट किया कि जागरूकता का यह अभियान केवल जिला मुख्यालय तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे ग्राम पंचायत स्तर पर नियमित कार्यशालाएं और चौपालें आयोजित करें। महिलाओं को वितरित की गई बुकलेट और हेल्पलाइन नंबरों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के भी निर्देश दिए गए।

इन योजनाओं पर रहा विशेष जोर

कार्यशाला के दौरान विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं पर विशेष जोर दिया गया, जहाँ पुलिस अधीक्षक विद्या सागर मिश्र और मुख्य विकास अधिकारी गुलाब चन्द्र ने महिलाओं के साथ सीधा संवाद किया। अधिकारियों ने शासन की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए 'मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना' के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने जानकारी दी कि जिन बच्चों के माता-पिता या किसी एक अभिभावक का निधन हो चुका है या जो गंभीर रूप से बीमार और आर्थिक रूप से अत्यंत कमजोर हैं, उन्हें 18 वर्ष की आयु तक सरकार की ओर से 2500 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से बेघर परिवारों को पक्के घर की सुविधा और स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत स्वच्छता व सामुदायिक स्वास्थ्य के प्रति महिलाओं को जागरूक किया गया। पुलिस अधीक्षक ने अपील की कि महिलाएं न केवल स्वयं इन योजनाओं का लाभ लें, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े जरूरतमंदों को भी इससे जोड़ें।

प्रदर्शनी और सम्मान: नारी शक्ति का गौरव

भारत गार्डन में विभिन्न सरकारी विभागों (महिला कल्याण, स्वास्थ्य, ग्राम विकास आदि) ने स्टॉल लगाकर महिलाओं को मौके पर ही परामर्श दिया। इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित भी किया गया। हाईटेक विधि से मशरूम उत्पादन कर रहीं रचना चौहान को उनकी उद्यमशीलता के लिए प्रशस्ति पत्र दिया गया। साथ ही, लाभार्थी सीमा, शरमीन और फूलवती को मौके पर ही फैमिली आईडी कार्ड सौंपे गए। प्रशासन की ओर से जिला प्रोबेशन अधिकारी ईरा आर्या और एसओ निशा सिंह को भी उनके सराहनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
 

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