Pilibhit Farmer Diesel Controversy : किसान के घर डीजल पर 'छापेमारी', सियासत गर्मायी; पूर्व मंत्री ने दी आंदोलन की चेतावनी

खबर सार :-
Pilibhit Farmer Diesel Controversy : पीलीभीत के अड़रायन गांव में किसान के घर से 200 लीटर डीजल जब्त होने पर हंगामा। पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा ने इसे राजनीतिक उत्पीड़न बताया और आंदोलन की चेतावनी दी। पूरी खबर यहाँ पढ़ें।

Pilibhit Farmer Diesel Controversy : किसान के घर डीजल पर 'छापेमारी', सियासत गर्मायी; पूर्व मंत्री ने दी आंदोलन की चेतावनी
खबर विस्तार : -

पीलीभीत: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में एक किसान के घर रखे डीजल को लेकर शुरू हुआ प्रशासनिक विवाद अब बड़े राजनीतिक संग्राम में तब्दील हो गया है। जहानाबाद थाना क्षेत्र के अड़रायन गांव में जिला पूर्ति विभाग की टीम ने एक किसान के आवास पर दबिश देकर करीब 200 लीटर डीजल बरामद किया। प्रशासन ने इसे 'अवैध भंडारण' करार देते हुए किसान के खिलाफ धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। लेकिन इस कार्रवाई के बाद से ही क्षेत्र में सरकार और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी की लहर दौड़ गई है।

Pilibhit Farmer Diesel Controversy :  क्या है पूरा मामला?

पूर्ति विभाग की टीम का दावा है कि उन्हें सूचना मिली थी कि गांव में ईंधन का अवैध संचय किया जा रहा है, जो सुरक्षा मानकों और नियमों के विरुद्ध है। इसी आधार पर की गई छापेमारी में 200 लीटर डीजल जब्त किया गया। दूसरी ओर, पीड़ित किसान ललित वर्मा का कहना है कि उनके पास कृषि योग्य भूमि और पर्याप्त संसाधन हैं। खेती के सीजन में ट्रैक्टर और अन्य मशीनों के संचालन के लिए डीजल का स्टॉक रखना एक सामान्य प्रक्रिया है।

Pilibhit Farmer Diesel Controversy :  राजनीतिक द्वेष का आरोप

इस पूरे घटनाक्रम पर पूर्व राज्य मंत्री हेमराज वर्मा ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सीधे तौर पर प्रशासन को कटघरे में खड़ा करते हुए आरोप लगाया कि यह कार्रवाई पूरी तरह से राजनीतिक द्वेष से प्रेरित है। वर्मा के मुताबिक, ललित वर्मा जिला पंचायत चुनाव की तैयारी कर रहे हैं, जिससे घबराकर एक खास जनप्रतिनिधि के इशारे पर उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।

पूर्व मंत्री ने सवाल उठाया कि, "क्या अब एक किसान अपनी खेती के लिए घर में दो ड्रम डीजल भी नहीं रख सकता? अगर किसान अपनी जरूरत का ईंधन नहीं रखेगा तो मशीनें कैसे चलाएगा?"

Pilibhit Farmer Diesel Controversy :  किसानों की अनदेखी और बकाये का मुद्दा

हेमराज वर्मा ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रशासन का ध्यान किसानों की असली समस्याओं पर नहीं है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि जिले की चीनी मिलों पर किसानों का लगभग 250 करोड़ रुपये बकाया है। गेहूं खरीद केंद्रों की बदहाली पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि लक्ष्य के अनुरूप सरकारी खरीद न होने के कारण किसान औने-पौने दामों पर अपनी फसल बेचने को मजबूर हैं।

Pilibhit Farmer Diesel Controversy :  आंदोलन की दी चेतावनी

पूर्व मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि किसान ललित वर्मा पर दर्ज मुकदमा तत्काल प्रभाव से वापस नहीं लिया गया, तो वे सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेंगे। फिलहाल, गांव में भारी पुलिस बल और प्रशासनिक सतर्कता के बावजूद किसानों में इस कार्रवाई को लेकर गहरा आक्रोश व्याप्त है।

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