माघ मेला 2026: सूचना केंद्रों से श्रद्धालुओं को मिल रही सुविधा, प्रयागराज बना आस्था और पर्यटन का संगम

खबर सार :-
माघ मेला 2026 में प्रयागराज आए श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए चार पर्यटन सूचना केंद्र स्थापित किए गए हैं। जानिए योगी सरकार की व्यवस्थाओं और पर्यटन सुविधाओं की पूरी जानकारी।

माघ मेला 2026: सूचना केंद्रों से श्रद्धालुओं को मिल रही सुविधा, प्रयागराज बना आस्था और पर्यटन का संगम
खबर विस्तार : -

Lucknow : संगम नगरी प्रयागराज में माघ मेला 2026 (Magh Mela 2026) पूरे वैभव और व्यवस्थित स्वरूप के साथ आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) के मार्गदर्शन में आयोजित यह धार्मिक आयोजन अब केवल आस्था तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पर्यटन, संस्कृति और सुशासन का जीवंत उदाहरण बनता जा रहा है। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधा, सुरक्षा और मार्गदर्शन देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने माघ मेले के दौरान चार अस्थायी पर्यटन सूचना केंद्र स्थापित किए हैं। इन सूचना केंद्रों के माध्यम से अब तक लगभग 20 लाख से अधिक श्रद्धालु और पर्यटक लाभान्वित हो चुके हैं। अनुमान है कि इस वर्ष माघ मेले में 12 से 15 करोड़ श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचेंगे। ऐसे में सरकार का प्रयास है कि हर आगंतुक को सही जानकारी समय पर और एक ही स्थान पर उपलब्ध हो, ताकि उनकी यात्रा सहज और स्मरणीय बन सके।

योगी सरकार की प्राथमिकता श्रद्धालुओं की सुविधा और संतुष्टि: जयवीर सिंह

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह (Jaiveer Singh) के अनुसार, योगी सरकार की प्राथमिकता श्रद्धालुओं की सुविधा और संतुष्टि है। इसी सोच के तहत सूचना केंद्रों पर प्रयागराज (Prayagraj) के प्रमुख दर्शनीय स्थलों, घाटों, मंदिरों और सांस्कृतिक स्थलों की जानकारी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध कराई जा रही है। यहां गाइड बुक, प्रशिक्षित टूरिस्ट गाइड की सूची, शहर भ्रमण से जुड़े सुझाव और ठहरने के पंजीकृत विकल्पों की जानकारी भी दी जा रही है। सूचना केंद्रों को आधुनिक स्वरूप देते हुए एलईडी स्क्रीन लगाई गई हैं, जिन पर मेला क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता अभियान और प्रमुख पर्यटन स्थलों से संबंधित वीडियो प्रदर्शित किए जा रहे हैं।

वर्ष 2025 में आयोजित कुंभ मेले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली

इसके साथ ही सेक्टरवार नक्शे भी लगाए गए हैं, जिससे श्रद्धालु आसानी से यह समझ सकें कि किस क्षेत्र में कौन-सी सुविधाएं उपलब्ध हैं और वहां तक कैसे पहुंचा जा सकता है। ये चारों अस्थायी पर्यटन सूचना केंद्र परेड ग्राउंड, नागवासुकी मंदिर परिसर, प्रयागराज छिवकी जंक्शन रेलवे स्टेशन और अरैल घाट के समीप स्थापित किए गए हैं। यहां न केवल प्रयागराज, बल्कि उत्तर प्रदेश के अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों से जुड़ी पुस्तिकाएं भी उपलब्ध हैं, ताकि पर्यटक प्रदेश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से परिचित हो सकें। प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति अमृती अभिजात ने कहा कि माघ मेला आस्था के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की पर्यटन क्षमता को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का सशक्त माध्यम है। सरकार का उद्देश्य है कि हर श्रद्धालु सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुगम अनुभव के साथ अपने गंतव्य तक पहुंचे। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में आयोजित कुंभ मेले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली थी और उसे यूनेस्को द्वारा ‘मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत’ के रूप में मान्यता दी गई थी। उसी सफलता की कड़ी में माघ मेला 2026 भी योगी सरकार की योजनाबद्ध व्यवस्थाओं, स्वच्छता और अनुशासन का सशक्त उदाहरण बनकर उभर रहा है।

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