डायल 112 का कायाकल्प: बेड़े में शामिल हुईं 9 नई गाड़ियां, पुराने वाहनों से मिलेगी मुक्ति

खबर सार :-
झाँसी में पुलिस रिस्पॉन्स व्हीकल बेड़े में जल्द ही नए वाहन शामिल होने वाले हैं। अब PRB इकाइयों में अतिरिक्त नए वाहन जोड़े जाएँगे, जो पुलिस सहायता की त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए काम करती हैं।

डायल 112 का कायाकल्प: बेड़े में शामिल हुईं 9 नई गाड़ियां, पुराने वाहनों से मिलेगी मुक्ति
खबर विस्तार : -

झांसीः डायल 112 सेवा को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए पुलिस रिस्पांस व्हीकल (PRV) बेड़े का कायाकल्प किया जा रहा है। जिले में अब 9 नई गाड़ियां शामिल करने का प्रस्ताव है, जिससे पुराने और जर्जर वाहनों से छुटकारा मिलेगा। इन नए वाहनों के जुड़ने से आपातकालीन सेवाओं की गति और गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद है।

ग्रामीण क्षेत्रों तक जल्द पहुंचेगी सहायता

वर्तमान में जिले में डायल 112 की कुल 60 गाड़ियां संचालित हैं। महानगर के प्रत्येक थाने में दो से तीन गाड़ियां तैनात हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार एक-एक पीआरवी उपलब्ध है। हर वाहन में एक कमांडर, दो आरक्षी और एक चालक की टीम तैनात रहती है। इन गाड़ियों का मुख्य उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मौके पर पहुंचकर सहायता प्रदान करना है। नियमों के अनुसार, कॉल मिलने के 15 मिनट के भीतर घटना स्थल पर पहुंचना अनिवार्य है।

हालांकि, कई पीआरवी ने इस तय समय से भी बेहतर प्रदर्शन किया है और मात्र 3 से 7 मिनट में मौके पर पहुंचकर पीड़ितों की सहायता की है। लेकिन बेड़े में शामिल कुछ गाड़ियां काफी पुरानी और खराब हो चुकी थीं, जिनकी बार-बार मरम्मत करानी पड़ती थी। इस समस्या को देखते हुए संबंधित अधिकारियों ने शासन को रिपोर्ट भेजी थी।

कंडम गाड़ियों को बदलने की तैयारी

शासन ने इस रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए 9 कंडम हो चुकी गाड़ियों को बदलने के लिए नई गाड़ियां उपलब्ध कराई हैं। अब इन वाहनों को डायल 112 सेवा में शामिल कर लिया गया है, जिससे पुलिस की प्रतिक्रिया क्षमता और बेहतर होगी। इसके अलावा, भविष्य में और नई गाड़ियों को भी बेड़े में शामिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

डायल 112 के प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार अवस्थी ने बताया कि नई गाड़ियों के साथ-साथ महिला स्टाफ की तैनाती को भी प्राथमिकता दी जाएगी। वर्तमान में डायल 112 सेवा में एक निरीक्षक, 40 उप निरीक्षक, 36 हेड कांस्टेबल, 179 आरक्षी, एक महिला हेड कांस्टेबल, 31 महिला कांस्टेबल और 90 होमगार्ड जवान कार्यरत हैं। इन सभी की ड्यूटी रोटेशन के आधार पर दिन और रात में लगाई जाती है।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि जल्द ही जिले को 176 नई महिला आरक्षियां मिलने वाली हैं। इनमें से कुछ को प्राथमिकता के आधार पर पीआरवी में तैनात किया जाएगा, जिससे महिला सुरक्षा को और अधिक मजबूत किया जा सकेगा। इस पहल से न केवल आपातकालीन सेवाओं की दक्षता बढ़ेगी, बल्कि आमजन को त्वरित और बेहतर पुलिस सहायता भी मिल सकेगी।

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