'किस आधार पर बनाई झूठी मेडिकल रिपोर्ट', कस्टोडियल टाॅर्चर पर HC सख्त, SP व स्वास्थ्य सचिव से मांगा जवाब

खबर सार :-
थाने में जेएलकेएम नेता की बेरहमी से पिटाई के मामले में झारखंड हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए एसपी व स्वास्थ्य सचिव को फटकार लगाई है। कोर्ट ने झूठी रिपोर्ट बनाने वाले मेडिकल ऑफिसर पर कार्रवाई को लेकर भी सवाल पूछा।

'किस आधार पर बनाई झूठी मेडिकल रिपोर्ट', कस्टोडियल टाॅर्चर पर HC सख्त, SP व स्वास्थ्य सचिव से मांगा जवाब
खबर विस्तार : -

रांची: झारखंड हाई कोर्ट ने झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता तरुण महतो की पुलिस हिरासत में बेरहमी से पिटाई के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। यह घटना सरायकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ में हुई थी।

चीफ जस्टिस एम.एस. सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की डिवीजन बेंच ने एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए राज्य के प्रधान स्वास्थ्य सचिव और सरायकेला के पुलिस अधीक्षक (SP) से जवाब मांगा है। कोर्ट ने प्रधान स्वास्थ्य सचिव से पूछा है कि उस मेडिकल ऑफिसर के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई है, जिसने तरुण महतो को कोर्ट के सामने पेश करने से पहले "कस्टडी के लिए फिट" होने का सर्टिफिकेट जारी किया था। कोर्ट ने टिप्पणी की कि यह देखते हुए कि जब तरुण महतो की बेरहमी से पिटाई की गई थी और उनके शरीर पर चोट के साफ निशान थे, तब स्वास्थ्य अधिकारी ने किस आधार पर उन्हें फिट घोषित किया और एक झूठी रिपोर्ट तैयार की?

थानों में CCTV लगाने की रिपोर्ट दें

इसके अलावा, कोर्ट ने सरायकेला SP को निर्देश दिया है कि वे 18 जून तक जिलेभर के पुलिस थानों में CCTV  लगाने की प्रगति के संबंध में एक विस्तृत रिपोर्ट जमा करें। सुनवाई के दौरान, राज्य सरकार ने कोर्ट को सूचित किया कि पीड़ित तरुण महतो को अंतरिम राहत के तौर पर डेढ़ लाख का मुआवजा दिया गया है। इस मामले में याचिकाकर्ता की ओर से वकील रितेश कुमार महतो ने पैरवी की। 

तरुण महतो की पत्नी ने मांगा न्याय

तरुण महतो 2024 के चुनावों में ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र से JLKM के उम्मीदवार रह चुके हैं। आरोप है कि 19 नवंबर, 2025 की रात को ईचागढ़ पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था, जहां उन्हें "थर्ड-डिग्री टॉर्चर" दिया गया। इस घटना के बाद, तरुण महतो की पत्नी ने हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को एक पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई। कोर्ट ने इस पत्र को एक PIL के रूप में स्वीकार कर लिया और मामले का स्वतः संज्ञान लिया। इस मामले में अगली सुनवाई अब 18 जून को निर्धारित है।

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