Bihar Cabinet Meeting : सासामूसा चीनी मिल के बकाया भुगतान को मंजूरी, 25 प्रस्तावों पर लगी मुहर

खबर सार :-
Bihar Cabinet Meeting : बिहार कैबिनेट की बैठक में सोमवार को 25 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सासामूसा चीनी मिल के गन्ना किसानों को पिछले सीजन के बकाया भुगतान के लिए 42.99 लाख रुपये दिए जाएंगे। इससे मिल का पुनः संचालन शुरू हो सकेगा।
Bihar Cabinet Meeting : सासामूसा चीनी मिल के बकाया भुगतान को मंजूरी, 25 प्रस्तावों पर लगी मुहर
खबर विस्तार : -

पटना: सोमवार को हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में सासामूसा चीनी मिल इलाके के गन्ना किसानों को पिछले पेराई सीजन के बकाया गन्ना मूल्य का मूलधन यानी 42.99 लाख रुपये चुकाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई, जिससे मिल का कामकाज फिर से शुरू हो सकेगा। सरकार का मानना ​​है कि इस कदम से इलाके के किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और रोजगार के अवसर पैदा होंगे। 

बैठक में कुल 25 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिसकी अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की। बैठक के बाद एक अधिकारी ने बताया कि बिहार के लिए 'विकसित भारत - रोज़गार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण)' (विकसित भारत - G-RAM-G) योजना को मंजूरी दी गई, जो 2026 के लिए तय की गई है। इस योजना को 1 जुलाई 2026 से लागू करने की भी मंजूरी दी गई।

15 साल से ज्यादा पुरानी सरकारी गाड़ियों के लिए कोई छूट नहीं

कैबिनेट ने एक प्रस्ताव को मंज़ूरी दी है जिसके तहत 15 साल से ज़्यादा पुरानी सरकारी गाड़ियों को डी-रजिस्टर या स्क्रैप करने पर मोटर गाड़ियां खरीदने से जुड़ी कोई छूट या फायदा नहीं दिया जाएगा। हालांकि, गैर-सरकारी गाड़ियों को स्क्रैप करने के बाद नई गाड़ियां खरीदने पर मिलने वाली मौजूदा छूट और फ़ायदे पहले की तरह ही मिलते रहेंगे।

जल जीवन मिशन के तहत अहम प्रस्ताव पर मुहर

केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित 'जल जीवन मिशन 2.0' के तहत एक अहम प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी भी दी गई। इस पहल के तहत, पेयजल और स्वच्छता विभाग (जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार) और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (बिहार सरकार) के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।

'प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना' को मंजूरी

इसके अलावा, रबी 2026-27 सीजन से राज्य में केंद्र प्रायोजित 'प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना' को लागू करने की मंजूरी दी गई। यह योजना 'बिहार राज्य फसल सहायता योजना' की जगह लेगी, जो राज्य में खरीफ 2018 सीजन से लागू थी। 'फसल बीमा योजना' के तहत फसल के नुकसान के लिए बीमाकृत किसानों को खेती में लगी लागत के बराबर मुआवजा मिलता है। साथ ही, चूंकि इस योजना के तहत बीमाकृत जमीन के रकबे (क्षेत्रफल) की कोई ऊपरी सीमा नहीं है, इसलिए बड़ी जमीन वाले किसानों को भी उनकी बीमाकृत जमीन के हिसाब से फसल के नुकसान का मुआवजा मिलेगा। 

305 करोड़ से बनेगा IIT पटना रिसर्च पार्क 

राज्य सरकार ने IIT पटना रिसर्च पार्क की स्थापना के लिए IIT पटना को 305 करोड़ रुपये की सहायता राशि देने की प्रशासनिक मंजूरी दे दी है। बैठक में बिहारशरीफ़, हाजीपुर, बेगूसराय और सहरसा के लिए सीवरेज और जलापूर्ति परियोजनाओं को भी मंज़ूरी दी गई।

 

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