बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा ने आंदोलन तेज करने का किया ऐलान, चार प्रस्ताव पारित

खबर सार :-
बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा की कोर कमेटी बैठक में अलग राज्य की मांग को लेकर चार महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। जनमत संग्रह, मशाल जुलूस और सदस्यता अभियान चलाने की घोषणा की गई।
बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा ने आंदोलन तेज करने का किया ऐलान, चार प्रस्ताव पारित
खबर विस्तार : -

झांसीः अलग बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर सक्रिय बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा ने अपने आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया है। सोमवार को आयोजित मोर्चा की कोर कमेटी की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। बैठक में हाल ही में प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और रक्षामंत्री के पुतले फूंके जाने के मामले में जेल भेजे गए मोर्चा अध्यक्ष भानु सहाय का अभिनंदन भी किया गया।

आयोजित होंगे कार्यक्रम

बैठक में पारित पहले प्रस्ताव के तहत अखंड बुंदेलखंड क्षेत्र के नौ सांसदों और 56 विधायकों के सामूहिक पुतले जलाने का निर्णय लिया गया। मोर्चा का कहना है कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधि अलग बुंदेलखंड राज्य की मांग को प्रभावी ढंग से नहीं उठा रहे हैं, जिसके विरोध में यह कदम उठाया जाएगा।

दूसरे प्रस्ताव में निर्णय लिया गया कि गर्मी कम होने के बाद बुंदेलखंड के सभी लोकसभा क्षेत्रों में दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के दौरान प्रधानमंत्री, सांसदों और विधायकों को खून से पत्र लिखे जाएंगे। साथ ही प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र में दो दिनों तक मशाल जुलूस निकाला जाएगा। आंदोलन को मजबूत करने के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में दो-दो हजार "बुंदेली योद्धाओं" को संघर्ष के लिए तैयार करने की भी योजना बनाई गई है।

तीसरे प्रस्ताव के तहत अगले तीन महीनों के भीतर प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में दस-दस हजार लोगों से अलग बुंदेलखंड राज्य के समर्थन में जनमत संग्रह कराया जाएगा। इसके अलावा "हर घर से दो हाथ चाहिए" नामक व्यापक सदस्यता अभियान भी शुरू करने का निर्णय लिया गया है, जिसके माध्यम से आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

मोर्चा सहयोगियों के ली जाएगी मदद

चौथे प्रस्ताव में आंदोलन के संचालन के लिए आर्थिक संसाधन जुटाने पर जोर दिया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि राज्य समर्थकों और मोर्चा सहयोगियों से छोटी-छोटी धनराशि एकत्रित की जाएगी। इस अभियान की शुरुआत करते हुए कुंवर सतेंद्रपाल सिंह ने 1100 रुपये का सहयोग प्रदान किया और भविष्य में भी नियमित आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने आम जनता से भी आंदोलन को आर्थिक सहयोग देने की अपील की।

अपने संबोधन में भानू सहाय ने कहा कि वे राज्य निर्माण की लड़ाई में हर प्रकार के उत्पीड़न का सामना करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि यदि आंदोलन के दौरान जेल जाना पड़े या उनके खिलाफ कठोर कानूनी धाराएं लगाई जाएं, तब भी वे पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने जिला अधिवक्ता संघ, अधिवक्ताओं और आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ताओं का समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया।

बैठक में मोर्चा के महामंत्री अशोक सक्सेना, प्रवक्ता रघुराज शर्मा, कोषाध्यक्ष वरुण अग्रवाल सहित विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और अधिवक्ता संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कई संगठनों और जिला अधिवक्ता संघ के सदस्यों ने भी भानू सहाय और बुंदेलखंड राज्य आंदोलन को अपना समर्थन व्यक्त किया।

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