Pilibhit: भ्रष्टाचार के आरोप में 6 पुलिसकर्मी निलंबित, एक लाइनहाजिर

खबर सार :-
पीलीभीत एसपी सुकीर्ति माधव ने भ्रष्टाचार, कदाचार और अनुशासनहीनता के आरोपों में 6 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। एक मुख्य आरक्षी को अभद्र व्यवहार के आरोप में लाइनहाजिर किया गया है।
Pilibhit: भ्रष्टाचार के आरोप में 6 पुलिसकर्मी निलंबित, एक लाइनहाजिर
खबर विस्तार : -

पीलीभीतः उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में पुलिस विभाग के भीतर भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव ने छह पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके अलावा एक मुख्य आरक्षी को अभद्र व्यवहार के आरोप में पुलिस लाइन भेजते हुए लाइनहाजिर किया गया है। एसपी की इस सख्त कार्रवाई से जिले के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

लगातार मिल रहीं थी शिकायतें

जानकारी के अनुसार, एसपी को विभिन्न माध्यमों से संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। शिकायतों में भ्रष्टाचार, अनुशासनहीनता, कदाचार, विभागीय गोपनीयता भंग करने और आम जनता के साथ दुर्व्यवहार जैसे गंभीर आरोप शामिल थे। शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने गोपनीय रूप से प्रारंभिक जांच कराई।

प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। निलंबित किए गए कर्मियों में मुख्य आरक्षी बिन्देश्वर मौर्य और महिला मुख्य आरक्षी अनीता, जो स्थानीय खुफिया इकाई (एलआईयू) में तैनात थीं, शामिल हैं। इसके अलावा न्यूरिया थाने में तैनात मुख्य आरक्षी सतीश कुमार, कोतवाली में तैनात मुख्य आरक्षी अजय कुमार और आरक्षी महेश कुमार तथा बीसलपुर कोतवाली के मुख्य आरक्षी जितेंद्र कुमार को भी निलंबित किया गया है।

सीओ को सौंपी गई जांच की जिम्मेदारी

वहीं दियोरिया कला में तैनात मुख्य आरक्षी अजय कुमार को अनुशासनहीनता और अभद्र व्यवहार के आरोपों के चलते लाइनहाजिर किया गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, संबंधित कर्मियों के आचरण को पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और छवि के लिए प्रतिकूल माना गया है।

एसपी ने पूरे मामले की विस्तृत जांच संबंधित सर्किल अधिकारी (सीओ) को सौंप दी है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कर जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि पुलिस विभाग की विश्वसनीयता और जनता का भरोसा बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार, अनुशासनहीनता और किसी भी प्रकार की अनैतिक गतिविधियों के प्रति विभाग की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति है।

एसपी ने कहा कि भविष्य में भी यदि कोई पुलिसकर्मी अपने कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही करता है या भ्रष्टाचार एवं कदाचार में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई को पुलिस विभाग में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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