Bhilwara News : प्रदेश की खुशहाली के लिए भीलवाड़ा में गूंजे मंगल मंत्र चयनित मंदिरों में एक साथ हुई विशेष पूजा-अर्चना

खबर सार :-
Bhilwara News : भीलवाड़ा जिला प्रशासन की अनोखी पहल! बुधवार सुबह ठीक 8 बजे जिले के सैकड़ों मंदिरों में एक साथ गूंजे वैदिक मंत्र और महाआरती। जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू और विधायक अशोक कोठारी की मौजूदगी में हरणी महादेव मंदिर में हुआ मुख्य आयोजन, पूरे राजस्थान की खुशहाली और तरक्की के लिए उमड़ा जनसैलाब।
Bhilwara News : प्रदेश की खुशहाली के लिए भीलवाड़ा में गूंजे मंगल मंत्र चयनित मंदिरों में एक साथ हुई विशेष पूजा-अर्चना
खबर विस्तार : -

भीलवाड़ा: राजस्थान के भीलवाड़ा जिले से आज आस्था और प्रशासनिक सूझबूझ की एक ऐसी अनोखी तस्वीर सामने आई है, जिसने पूरे प्रदेश को अध्यात्म के एक सूत्र में पिरो दिया। राजस्थान सरकार की मंशा के अनुरूप और जिला प्रशासन के कड़े समन्वय के चलते आज पूरे जिले में एक साथ, एक ही समय पर घंटियों और शंखनाद की गूंज सुनाई दी। यह कोई आम पूजा-पाठ नहीं था, बल्कि पूरे सूबे की तरक्की, अमन-चैन और खुशहाली के लिए रचा गया एक महा-अनुष्ठान था, जिसमें आम जनता से लेकर आला अधिकारियों तक ने भगवान के दरबार में शीश नवाया।

एक समय, एक संकल्प: भीलवाड़ा ने रचा इतिहास

बुधवार की सुबह जैसे ही घड़ी की सुइयों ने सुबह के ठीक 8 बजाए, भीलवाड़ा शहर सहित जिले के तमाम उपखंड मुख्यालयों और ग्रामीण इलाकों के चिन्हित देवस्थलों पर वैदिक मंत्रोच्चार शुरू हो गया। जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू के सीधे निर्देशों और देखरेख में इस भव्य धार्मिक अभियान की रूपरेखा तैयार की गई थी। मकसद साफ था—भीलवाड़ा के जरिए पूरे राजस्थान में सुख, समृद्धि, उत्तम पैदावार और सामाजिक सद्भाव का संचार करना। इसके लिए प्रशासनिक अमले ने कई दिनों पहले से ही तैयारियां पूरी कर ली थीं, जिसका नतीजा आज सुबह भीलवाड़ा के आसमान में गूंजती पवित्र ध्वनियों के रूप में देखने को मिला।

हरणी महादेव में उमड़ा आस्था का समंदर

इस महा-अभियान का सबसे मुख्य और भव्य रूप शहर के प्रसिद्ध और ऐतिहासिक श्री हरणी महादेव मंदिर में देखने को मिला। जिला स्तरीय इस मुख्य कार्यक्रम में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। हरणी महादेव के दरबार में पहुंचे विद्वान पंडितों और वैदिक आचार्यों ने पूरे विधि-विधान और शास्त्रों में लिखे नियमों के अनुसार भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक किया। महादेव के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा। इस विशेष पूजा के दौरान केवल भीलवाड़ा ही नहीं, बल्कि समूचे राजस्थान में समय पर और बेहतर मानसून की बारिश होने, किसानों की फसलें लहलहाने, व्यापारिक उन्नति होने और हर नागरिक के सुरक्षित जीवन की कामना के साथ आहुतियां दी गईं।

नेताओं और अफसरों की लगी कतार

इस धार्मिक आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि इसमें राजनीति और प्रशासन का एक अनूठा समन्वय देखने को मिला। हरणी महादेव मंदिर में आयोजित मुख्य पूजा में स्थानीय विधायक अशोक कोठारी, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जिला अध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा के साथ खुद जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू मौजूद रहे। उनके साथ अतिरिक्त जिला कलेक्टर (शहर) प्रतिभा और जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) चंद्रभान भाटी समेत दर्जनों छोटे-बड़े अधिकारियों ने कतार में लगकर भगवान शिव की आराधना की। अफसरों और जनप्रतिनिधियों ने हाथ जोड़कर प्रदेश की जनता की खुशहाली (Welfare) और तरक्की के लिए महाआरती में भाग लिया।

गांव-गांव में गूंजे मंत्र, हर कोई हुआ भावुक

सिर्फ जिला मुख्यालय ही नहीं, बल्कि भीलवाड़ा के सुदूर ग्रामीण अंचलों और तहसील मुख्यालयों पर मौजूद प्रमुख मंदिरों में भी ठीक सुबह 8 बजे यही नजारा था। एक ही वक्त पर पूरे जिले के सैकड़ों मंदिरों में शंख बजे और महाआरती शुरू हुई। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, ऐसा आयोजन पहले कभी नहीं देखा गया जहां पूरा जिला एक ही पल में पूरी तरह भक्तिमय हो गया हो। मंदिरों में मौजूद आम श्रद्धालुओं की आंखों में अपने प्रदेश की खुशहाली (Welfare) के लिए एक अनोखी चमक और भावुकता साफ देखी जा सकती थी। महिलाओं और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर इस सामूहिक प्रार्थना में अपनी आहुति दी।

केवल पूजा नहीं, समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के सामूहिक आयोजनों का उद्देश्य सिर्फ पूजा-पाठ तक सीमित नहीं होता, बल्कि इसके पीछे समाज को एक सूत्र में पिरोने की बड़ी सोच छिपी होती है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और आपसी तनाव के बीच जब हजारों लोग एक साथ बैठकर पूरे समाज और प्रदेश की खुशहाली (Welfare) के लिए दुआ मांगते हैं, तो उससे समाज के भीतर एक सकारात्मक ऊर्जा पैदा होती है। भीलवाड़ा में हुए इस सफल प्रयोग ने यह साबित कर दिया है कि अगर नीयत साफ हो और प्रयास सामूहिक हों, तो सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं के जरिए भी जनता के भीतर एकता और भाईचारे की भावना को बहुत आसानी से मजबूत किया जा सकता है। इस पूरे अनुष्ठान के संपन्न होने के बाद भीलवाड़ा का हर नागरिक खुद को एक नई आध्यात्मिक ऊर्जा से भरा हुआ महसूस कर रहा है।

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