रुदावल तहसीलदार की 'तानाशाही' के खिलाफ कर्मचारियों ने खोला मोर्चा, क्या ठप हो जाएगा सरकारी काम?

खबर सार :-
Rudawal Tehsildar Rakesh Giri : भरतपुर के रुदावल में तहसीलदार राकेश गिरी की कथित तानाशाही के खिलाफ पटवारियों और कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया है। एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी गई है। जानिए क्या है पूरा विवाद।
रुदावल तहसीलदार की 'तानाशाही' के खिलाफ कर्मचारियों ने खोला मोर्चा, क्या ठप हो जाएगा सरकारी काम?
खबर विस्तार : -

रुदावल, भरतपुर: राजस्थान के भरतपुर (Bharatpur) जिले में प्रशासनिक गलियारे से एक बेहद हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। यहाँ रुदावल (Rudawal) तहसील में तैनात तहसीलदार Rudawal Tehsildar Rakesh Giri की कार्यशैली को लेकर निचले स्तर के कर्मचारियों और पटवारियों में भारी गुस्सा फूट पड़ा है। कर्मचारियों का आरोप है कि साहब का रवैया बेहद असंवेदनशील और डिक्टेटरशिप (dictatorship) यानी तानाशाही जैसा है, जिससे तंग आकर अब उन्होंने सीधे तौर पर आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। अपनी रोज-रोज की मानसिक प्रताड़ना (mental harassment) से परेशान होकर तहसील के तमाम पटवारियों और अधीनस्थ स्टाफ ने रूपवास एसडीएम (SDM) विष्णु बंसल के माध्यम से जिला कलेक्टर को एक लिखित शिकायत पत्र यानी ज्ञापन (memorandum) भेजा है। इस ज्ञापन में Rudawal Tehsildar Rakesh Giri के कामकाज के तरीकों पर बेहद संगीन और गंभीर आरोप मढ़े गए हैं।

 दबाव में काम कराने का आरोप

कर्मचारियों का कहना है कि ई-मित्र केंद्रों (E-Mitra centers) के माध्यम से जो विरासत के नामांतरण (mutation of inheritance) से जुड़े आवेदन आते हैं, उनमें जरूरी कागजातों की कमी होने के बावजूद Rudawal Tehsildar Rakesh Giri द्वारा पटवारियों पर नियमों को ताक पर रखकर जबरन और अनैतिक रूप से काम करने का दबाव बनाया जाता है। कर्मचारियों ने साफ कहा है कि जब कागजात ही पूरे नहीं हैं, तो वे विरासत कैसे खोल सकते हैं? लेकिन तहसीलदार साहब उनकी एक सुनने को तैयार नहीं हैं।

 छुट्टी के दिनों में भी चैन नहीं

शिकायती पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि बिना किसी इमरजेंसी (emergency) या किसी विशेष सरकारी परिस्थिति के भी, सरकारी अवकाश (government holiday) यानी छुट्टी के दिनों में भी कर्मचारियों को जबरदस्ती दफ्तर बुलाकर काम करने के लिए मजबूर किया जाता है। लगातार मिल रहे इस मानसिक तनाव के कारण फील्ड में काम करने वाले पटवारियों की परफॉर्मेंस और उनकी कार्यशैली (working style) पूरी तरह से प्रभावित हो रही है।

 प्रशासन को दी खुली चेतावनी, हो सकता है कार्य बहिष्कार

पीड़ित सरकारी कर्मचारियों ने भरतपुर जिला कलेक्टर से इस पूरे विवाद में तुरंत दखल देने की गुहार लगाई है। उन्होंने मांग की है कि Rudawal Tehsildar Rakesh Giri के इस अड़ियल रवैये से उन्हें जल्द से जल्द निजात दिलाई जाए। इसके साथ ही कर्मचारियों ने दो टूक शब्दों में प्रशासन को चेतावनी (warning) दी है कि अगर उनकी इन जायज समस्याओं का जल्द ही कोई उचित समाधान (solution) नहीं निकाला गया, तो आने वाले दिनों में सभी कर्मचारी एक बड़ा कदम उठाते हुए पूरी तरह से कार्य बहिष्कार (work boycott) पर चले जाएंगे। अगर ऐसा हुआ तो तहसील का सारा कामकाज ठप हो जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। इस पूरे विरोध प्रदर्शन (protest) और ज्ञापन सौंपने के दौरान पटवार संघ के अध्यक्ष (Patwar Sangh President) सुबोधकांत शर्मा, कानूनगो दीनदयाल शर्मा, गिरदावर सत्यनारायण शर्मा, राजेश कुमार, शिव सिंह मीणा और बलराम मीणा सहित भारी संख्या में पटवारी और तहसील स्टाफ मौजूद रहा। अब देखना यह होगा कि इस मामले में जिला कलेक्टर क्या एक्शन लेते हैं।

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