कैंट रेलवे स्टेशन पर विशाल भंडारे का आयोजन, महंत संजय दास ने किया शुभारंभ

खबर सार :-
लाल योगेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में कैंट रेलवे स्टेशन पर एक भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। इस शानदार कार्यक्रम में महंत संजय दास जी महाराज मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, और इसका उद्घाटन स्वयं महंत संजय दास ने ही किया।

कैंट रेलवे स्टेशन पर विशाल भंडारे का आयोजन, महंत संजय दास ने किया शुभारंभ
खबर विस्तार : -

अयोध्याः अयोध्या की पावन रामनगरी में रामनवमी और चैत्र नवरात्रि के अवसर पर एक भव्य धार्मिक आयोजन का आयोजन किया गया, जो श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस दो दिवसीय कार्यक्रम का नेतृत्व सामाजिक कार्यकर्ता लाल योगेश प्रताप सिंह ने किया, जिसमें श्री अखंड रामायण पाठ, हवन, पूर्णाहुति और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।

हजारों श्रद्धालुओं को वितरित हुआ प्रसाद

कार्यक्रम की शुरुआत 28 मार्च को विधिवत पूजन-अर्चन के साथ हुई, जिसमें श्री अखंड रामायण पाठ प्रारंभ किया गया। अगले दिन 29 मार्च को हवन और पूर्णाहुति के साथ धार्मिक अनुष्ठानों का समापन हुआ। इसके पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया। अयोध्या कैंट रेलवे स्टेशन के निकट आयोजित इस कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

इस आयोजन का शुभारंभ महंत संजय दास ने किया, जो हनुमानगढ़ी के महंत और संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि नवरात्रि जैसे पावन पर्व पर इस प्रकार के आयोजन समाज में आस्था, एकता और सद्भाव को मजबूत करते हैं। उन्होंने लाल योगेश प्रताप सिंह के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।

अतिथियों और श्रद्धालुओं का व्यक्त किया आभार 

कार्यक्रम के दौरान भजन-कीर्तन और राम नाम के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया और पुण्य लाभ अर्जित किया। आयोजन स्थल पर साधु-संतों, महंतों और आम जनमानस की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही, जिससे कार्यक्रम और भी भव्य बन गया।

आयोजक लाल योगेश प्रताप सिंह ने कार्यक्रम में आए सभी अतिथियों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि यह आयोजन महंत संजय दास की प्रेरणा से संपन्न हुआ। साथ ही उन्होंने सभी अतिथियों का स्वागत और सम्मान भी किया।

इस प्रकार यह धार्मिक आयोजन न केवल आस्था का प्रतीक बना, बल्कि समाज में एकता और सद्भाव का संदेश भी देने में सफल रहा। अयोध्या की धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए ऐसे आयोजन लोगों को आध्यात्मिक रूप से जोड़ने का कार्य करते हैं।
 

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