मधुमक्खियों के हमले से घायल हुई महिला, ट्रामा सेंटर में भर्ती

खबर सार :-
मधुमक्खियों के अचानक हमले में एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। बताया जा रहा है कि यह घटना जगदीशपुर थाना क्षेत्र के पूरब गांव चौराहे के पास हुई।फिलहाल महिला का इलाज ट्रामा सेंटर में जारी है और वह डॉक्टरों की निगरानी में है।

मधुमक्खियों के हमले से घायल हुई महिला, ट्रामा सेंटर में भर्ती
खबर विस्तार : -

अमेठीः जनपद के जगदीशपुर क्षेत्र में मधुमक्खियों के अचानक हुए हमले से एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। यह घटना जगदीशपुर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत पूरब गांव चौराहे के पास की बताई जा रही है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई।

हालत नाजुक

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला अपने घर से इलाज के लिए चौराहे की ओर जा रही थी। इसी दौरान रास्ते में अचानक मधुमक्खियों के एक झुंड ने उस पर हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले से महिला घबरा गई और खुद को बचाने का प्रयास करने लगी, लेकिन मधुमक्खियों के लगातार डंक मारने से वह गंभीर रूप से घायल हो गई और मौके पर ही गिर पड़ी। महिला के शरीर और चेहरे पर कई जगह डंक के निशान बताए जा रहे हैं, जिससे उसकी हालत नाजुक हो गई।

समय पर नहीं मिली एंबुलेंस

घटना को देख आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और किसी तरह मधुमक्खियों को भगाकर महिला को सुरक्षित स्थान पर लाया गया। इसके बाद परिजनों को सूचना दी गई। परिजनों ने महिला की गंभीर हालत को देखते हुए तुरंत एम्बुलेंस सेवा के लिए कॉल किया, लेकिन आरोप है कि कई बार फोन करने के बावजूद काफी देर तक एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। समय पर एम्बुलेंस न मिलने से परिजनों की चिंता और बढ़ गई।

मजबूर होकर परिजनों और स्थानीय लोगों ने घायल महिला को ई-रिक्शा के माध्यम से ट्रामा सेंटर जगदीशपुर पहुंचाया। ई-रिक्शा से महिला को अस्पताल ले जाना जोखिम भरा था, लेकिन स्थिति की गंभीरता को देखते हुए यही एकमात्र विकल्प बचा था। ट्रामा सेंटर पहुंचते ही चिकित्सकों ने महिला को तत्काल उपचार देना शुरू किया।

ग्रामीणों में रोष

चिकित्सकों के अनुसार महिला की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं और एम्बुलेंस की उपलब्धता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसी सेवाओं को और मजबूत किया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी मरीज को समय पर इलाज मिल सके और जान जोखिम में न पड़े।

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