ढह गया AAP का अभेद्य किला, राघव चड्ढा समेत 7 सांसदों ने एक साथ छोड़ी पार्टी, BJP में हुए शामिल

खबर सार :-
Raghav Chadha:आम आदमी पार्टी का अभेद्य किला ढह गया है। राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल जिन्हें व्यापक रूप से पार्टी का "चाणक्य" माना जाता था BJP में शामिल हो गए हैं, और उन्होंने AAP को "भ्रष्टाचार का दलदल" बताया है। चड्ढा ने यह दावा करके राजनीतिक उथल-पुथल को और तेज़ कर दिया है कि हरभजन सिंह और स्वाति मालीवाल ने भी पार्टी छोड़ दी है।

ढह गया AAP का अभेद्य किला, राघव चड्ढा समेत 7 सांसदों ने एक साथ छोड़ी पार्टी, BJP में हुए शामिल
खबर विस्तार : -

Raghav Chadha Resignation: पंजाब में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) को तगड़ झटका लगा है। पार्टी के चाणक्य माने जाने वाले राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक ने AAP को भ्रष्टाचार का दलदल बताकर बीजेपी का दामन थाम लिया। इतना ही नहीं राघव चड्ढा ने हरभजन सिंह और स्वाति मालीवाल के भी साथ छोड़ने का दावा कर सियासी हलचल तेज कर दी है।  खुद को "गलत पार्टी में सही आदमी" बताते हुए, उन्होंने PM मोदी के 12 साल के बेहतरीन नेतृत्व में अपना भरोसा जताया है।

Raghav Chadha समेत 7 सांसदों ने एक साथ छोड़ी पार्टी

दरअसल पार्टी के सांसदों राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक ने शुक्रवार को यहां कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आप पार्टी छोड़ने का ऐलान किया। चड्ढा ने कहा, "AAP के पास अभी राज्यसभा में 10 सांसद हैं; उनमें से दो-तिहाई से ज़्यादा इस कदम में हमारे साथ हैं। उन्होंने जरूरी दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर कर दिए हैं, और आज सुबह हमने हस्ताक्षरित पत्र और दस्तावेज राज्यसभा के सभापति को सौंप दिए। हम तीनों आज आपके सामने यहां खड़े हैं। हमारे अलावा, इस समूह में हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, विक्रम साहनी और स्वाति मालीवाल शामिल हैं।"

राघव चड्ढा ने क्या कुछ कहा

राघव चड्ढा ने टिप्पणी की, "AAP एक ऐसी पार्टी जिसे मैंने अपने खून-पसीने से सींचा और जिसे मैंने अपनी जवानी के 15 साल समर्पित किए अब अपने सिद्धांतों, मूल्यों और बुनियादी नैतिकता से भटक गई है। यह पार्टी अब राष्ट्रीय हित में काम नहीं करती, बल्कि अपने निजी फ़ायदे के लिए काम करती है... पिछले कुछ सालों से, मुझे ऐसा महसूस हो रहा था जैसे मैं 'गलत पार्टी में सही आदमी' हूं। इसलिए, हम आज घोषणा करते हैं कि मैं AAP से खुद को अलग कर रहा हूं और लोगों के और करीब जा रहा हूं।" राघव चड्ढा ने आगे कहा, "पिछले 12 सालों में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने कई ऐसे फैसले लिए हैं जिन्हें करने से अतीत में कई नेता डरते थे। जनता ने इस नेतृत्व का समर्थन न सिर्फ एक बार, बल्कि तीन बार किया है। हम पीएम मोदी के नेतृत्व में राष्ट्र के लिए काम करेंगे।"

आप पार्टी की तीखी प्रतिक्रिया

अपने सांसदों के इस्तीफ़े पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए, आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस कदम को BJP की पुरानी "पार्टी तोड़ने" की रणनीति का हिस्सा बताया है। विधायक संजीव झा ने कहा कि BJP ने पहले भी NCP, शिवसेना और JDU जैसी पार्टियों को तोड़ने के लिए इसी हथकंडे का इस्तेमाल किया है, और अब पंजाब में भी इसी मॉडल को दोहराने की कोशिश कर रही है। झा ने आरोप लगाया कि पार्टी को खत्म करने की यह साज़िश काफ़ी समय से चल रही थी। उन्होंने दावा किया कि पांच दिन पहले एक सांसद के घर पर ED की जो छापेमारी हुई थी, वह इसी साज़िश का एक अहम हिस्सा थी। AAP के मुताबिक, राघव चड्ढा और अमित शाह मिलकर दबाव बनाने का काम कर रहे थे, जिसका मकसद नेताओं को डराना-धमकाना और उन्हें पार्टी छोड़ने के लिए मजबूर करना था।

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