घड़ा ही नहीं, मिट्टी के बोतल और गिलास भी सेहत के लिए हैं फायदेमंद

खबर सार :-
मिट्टी का घड़ा पानी को ठंडा रखने का प्राकृतिक उपाय है, वहीं मिट्टी के बोतल, कुल्हड़ और गिलास भी सेहत के लिए फायदेमंद हैं। मिट्टी की बोतलें बाहर यात्रा करते समय या ऑफिस ले जाते समय साथ रखने के लिए भी बहुत सुविधाजनक होती हैं। वे लंबे समय तक पानी को ठंडा और ताजा रखती हैं।
घड़ा ही नहीं, मिट्टी के बोतल और गिलास भी सेहत के लिए हैं फायदेमंद
खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी का कहर जारी है। तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है और चिलचिलाती धूप ने लोगों का जीवन मुश्किल बना दिया है। ऐसे में इलेक्ट्रिक कूलर या रेफ्रिजरेटर पर निर्भर रहने के बजाय पारंपरिक मिट्टी के बर्तन एक बार फिर से लोकप्रिय हो रहे हैं।

मिट्टी के बर्तन गर्मियों के मौसम में पानी को स्वाभाविक रूप से ठंडा रखते हैं। मिट्टी में मौजूद नमी वाष्पीकरण की प्रक्रिया में मदद करती है, जिससे पानी का तापमान प्रभावी ढंग से कम हो जाता है। इन बर्तनों में रखा पानी न केवल ठंडा रहता है, बल्कि मिट्टी से मिलने वाले खनिजों से भी समृद्ध हो जाता है। प्लास्टिक या स्टील के बर्तनों की तुलना में मिट्टी के बर्तन पानी को रसायनों से मुक्त और अधिक स्वादिष्ट बनाते हैं। घड़े के अलावा, मिट्टी की बोतलें, कुल्हड़ और गिलास भी प्राकृतिक ठंडक देने के साथ-साथ पानी और पेय पदार्थों का स्वाद बढ़ाने में भी असरदार साबित हो रहे हैं।

पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में सहायक

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) मिट्टी के बर्तनों के उपयोग से जुड़े विभिन्न लाभों पर प्रकाश डालता है। ये बर्तन प्राकृतिक ठंडक प्रदान करते हैं; ये बिना बिजली के पानी को 8 से 10 डिग्री तक अधिक ठंडा रख सकते हैं। मिट्टी के घड़ों में रखा पानी आमतौर पर क्षारीय (alkaline) होता है, जो पेट की अम्लता (acidity) को बेअसर करने और पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मदद करता है। इसके अलावा कुल्हड़ में चाय, छाछ या जूस पीने से पेय में मिट्टी की सौंधी महक घुल जाती है, जिससे यह अनुभव और भी खास बन जाता है।

थकान और जलन से भी देता राहत

इस गर्मी के मौसम में स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि मिट्टी के बर्तनों में रखे पानी या पेय पदार्थों का सेवन करना कोल्ड ड्रिंक्स पीने की तुलना में कहीं अधिक फायदेमंद है। यह आदत गर्मी से जुड़ी निर्जलीकरण (dehydration) और पेट की समस्याओं को रोकने में मदद करती है। मिट्टी के बर्तनों में रखा पानी शरीर को ठंडक प्रदान करता है, जिससे गर्मी के कारण होने वाली थकान और जलन से राहत मिलती है। इसके अलावा ये बर्तन पूरी तरह से बायोडिग्रेडेबल होते हैं और प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने में भी योगदान देते हैं।

 

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