Tamannaah Bhatia: मद्रास हाईकोर्ट से तमन्ना भाटिया को झटका, एक करोड़ हर्जाने की मांग वाली याच‍िका खारिज

खबर सार :-
Tamannaah Bhatia Power Soaps Case: मद्रास हाई कोर्ट ने गुरुवार को एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया द्वारा दायर एक केस खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने पुडुचेरी स्थित कंपनी, पावर सोप्स लिमिटेड से ₹1 करोड़ के हर्जाने की मांग की थी।

Tamannaah Bhatia: मद्रास हाईकोर्ट से तमन्ना भाटिया को झटका,  एक करोड़ हर्जाने की मांग वाली याच‍िका खारिज
खबर विस्तार : -

Tamannaah Bhatia Power Soaps Case: साउथ की स्टार अभिनेत्री तमन्ना भाटिया को एक बड़ा झटका देते हुए, मद्रास हाई कोर्ट ने उनकी अपील खारिज कर दी है। यह मामला एक एंडोर्समेंट एग्रीमेंट से जुड़ा था, जिसमें उन्होंने पुडुचेरी स्थित कंपनी 'पावर सोप्स लिमिटेड' से 1 करोड़ के हर्जाने की मांग की थी। तमन्ना भाटिया आरोप लगाया था कि कंपनी, पावर सोप्स लिमिटेड, ने कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के बाद भी उनकी तस्वीरों का इस्तेमाल जारी रखा। जिससे उनके प्रोफेशनल पर बुरा असर पड़ा।

Tamannaah Bhatia Power Soaps Case: साबित करने में नाकाम रही तमन्ना

हालांकि, मद्रास हाई कोर्ट की सुनवाई के दौरान, सबूतों के मामले में यह केस कमजोर साबित हुआ। जस्टिस पी. वेलमुरुगन और जस्टिस के. गोविंदराजन थिलकावडी की डिवीजन बेंच ने एक सिंगल जज के पहले के फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि एक्ट्रेस यह साबित करने में नाकाम रहीं कि कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के बाद भी कंपनी ने उनकी तस्वीरों का इस्तेमाल जारी रखा था।

कोर्ट ने तमन्ना की याचिका क्यों की खारिज 

दरअसल सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने पाया कि पेश किए गए सबूतों में विश्वसनीयता की कमी थी। प्रोडक्ट के रैपर और ऑनलाइन लिस्टिंग से यह साफ नहीं था कि कथित इस्तेमाल के लिए खुद कंपनी ही जिम्मेदार थी। इसके अलावा, कथित नुकसान और कंपनी के कामों के बीच कोई सीधा संबंध भी साबित नहीं हो सका। इन्हीं आधारों पर, कोर्ट ने फैसला सुनाया कि दावा ठोस सबूतों से पुष्ट नहीं होता; नतीजतन, हर्जाने और स्थायी रोक की मांगें खारिज कर दी गईं।

Tamannaah Bhatia Power Soaps Case: कंपनी ने आरोपों से किया इनकार

दूसरी ओर, पावर सोप्स (Power Soaps) ने एक्ट्रेस द्वारा लगाए गए सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि 2008 में, जब यह समझौता हुआ था, तब वह उतनी मशहूर नहीं थीं। कंपनी ने ज़ोर देकर कहा कि उन्हें एक साल के कॉन्ट्रैक्ट के लिए सिर्फ़ 1 लाख रुपये का भुगतान किया गया था और इस दावे को खारिज कर दिया कि उनके जुड़ने से कंपनी का कारोबार कई गुना बढ़ गया था। कंपनी ने आगे इस बात पर भी ज़ोर दिया कि समझौते की अवधि खत्म होने के बाद उसने उनकी तस्वीरों का इस्तेमाल करना बंद कर दिया था।

क्या था पूरा मामला 

बता दें कि यह पूरा विवाद 2008 में हुए एक समझौते से शुरू हुआ था। इस समझौते के तहत, तमन्ना भाटियां ने  'पावर सोप्स लिमिटेड' (Power Soaps) कंपनी को अपने साबुन उत्पादों के प्रचार के लिए अपनी तस्वीरों का इस्तेमाल करने की अनुमति एक साल की अवधि के लिए दी थी, जिसकी समय-सीमा अक्टूबर 2009 में समाप्त हो गई थी। तमन्ना ने आरोप लगाया कि 2010-2011 की अवधि के दौरान भी, कंपनी ने उत्पाद के रैपरों, विज्ञापनों और ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर उनकी तस्वीरों का इस्तेमाल जारी रखा। उन्होंने कहा कि इससे अन्य ब्रांडों के साथ उनके संभावित समझौतों पर बुरा असर पड़ा। इस केस में उन्होंने 'पावर सोप्स लिमिटेड' पर अपनी लोकप्रियता का गलत तरीके से और अपने निजी फायदे के लिए दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए 1 करोड़ के हर्जाने की मांग की थी।

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