दिल्ली हाईकोर्ट से वरुण धवन को बड़ी राहत, AI और डीपफेक के गलत इस्तेमाल पर लगी रोक

खबर सार :-
Varun Dhawan Personality Rights: दिल्ली हाई कोर्ट ने पर्सनैलिटी राइट्स से जुड़े एक मामले में बॉलीवुड एक्टर वरुण धवन के पक्ष में फैसला सुनाया है। एक्टर ने डीपफेक और AI से बने पोर्नोग्राफिक कंटेंट से सुरक्षा की मांग की थी, जिसमें उनकी तस्वीरों का इस्तेमाल किया जा रहा था।
दिल्ली हाईकोर्ट से वरुण धवन को बड़ी राहत, AI और डीपफेक के गलत इस्तेमाल पर लगी रोक
खबर विस्तार : -

Varun Dhawan Personality Rights: दिल्ली हाई कोर्ट (delhi  hight court) ने बॉलीवुड एक्टर वरुण धवन को बड़ी राहत दी है। वरुण धवन के पर्सनैलिटी राइट्स को बरकरार रखते हुए, कोर्ट ने कई AI-जेनरेटेड डीपफेक (AI - deepfake ) को हटाने का आदेश दिया है जिनमें उन्हें अपनी महिला को-स्टार्स के साथ आपत्तिजनक सीन में दिखाया गया था।  साथ ही उन ई-कॉमर्स लिस्टिंग को भी हटाने का आदेश दिया है जो बिना इजाज़त के उनके नाम पर सामान बेच रही थीं। 

Varun Dhawan Personality Rights: कोर्ट ने क्या कुछ कहा-

29 मई को जारी एक आदेश में, जस्टिस ज्योति सिंह ने कहा कि वरुण धवन ने प्राइमा फेसी ऐसा मामला साबित कर दिया है जिसके आधार पर उनके द्वारा दायर मुकदमे में  एक्स-पार्टे  अंतरिम रोक लगाने का आदेश दिया जा सकता है। नतीजतन, कोर्ट ने कई वेबसाइटों जिनमें ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया इंटरमीडियरी शामिल हैं को वरुण धवन के पब्लिसिटी और पर्सनैलिटी राइट्स का उल्लंघन करने से रोक दिया।

कोर्ट (delhi  hight court) ने कहा कि वादी, वरुण धवन, AI-जेनरेटेड ऐसी तस्वीरों के सर्कुलेशन के खिलाफ सुरक्षा पाने के हकदार हैं जिनमें उन्हें गलत और आपत्तिजनक तरीके से दिखाया गया है। ऐसी आपत्तिजनक सामग्री उनकी पब्लिक इमेज को नुकसान पहुंचा रही है और इससे जनता को यह लग सकता है कि दिखाए गए विज़ुअल असली हैं। कोर्ट ने Google, Meta Platforms और X Corp को भी निर्देश दिया कि वे इन उल्लंघनों के लिए ज़िम्मेदार सोशल मीडिया यूज़र्स की बेसिक सब्सक्राइबर जानकारी (BSI) उपलब्ध कराएं।

कोर्ट ने सोशल मीडिया यूज़र्स को दिए सख्त निर्देश

सोशल मीडिया यूज़र्स को भी निर्देश दिया गया है कि वे उनके द्वारा पोस्ट की गई किसी भी नई उल्लंघनकारी सामग्री को 36 घंटे के भीतर हटा दें। सुनवाई के दौरान, वरुण धवन की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट संदीप सेठी ने कहा कि कई ऑनलाइन ई-कॉमर्स विक्रेता सामान बेचने के लिए उनकी पर्सनैलिटी का गलत इस्तेमाल कर रहे थे। उन्होंने आगे कहा कि कुछ बुकिंग एजेंसियां ​​वरुण धवन को परफॉर्मेंस और इवेंट्स के लिए बुक करने की अपनी क्षमता के बारे में झूठे और बिना इजाज़त के दावे कर रही थीं।

 बिना इजाज़त नाम-तस्वीर और आवाज़ के इस्तेमाल पर रोक

धवन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके बनाई गई अश्लील सामग्री के प्रसार के साथ-साथ अपनी महिला को-स्टार्स के साथ आपत्तिजनक क्लिप में उन्हें दिखाने वाले डीपफेक के खिलाफ भी सुरक्षा मांगी। अपनी याचिका में, वरुण ने कहा कि उन्होंने अपने नाम और हस्ताक्षर के लिए पहले ही ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन हासिल कर लिया है। 

कोर्ट ने कई प्रतिवादियों को धवन के नाम, तस्वीर, आवाज़, पर्सनैलिटी या किसी भी अन्य विशेषता का तकनीक की मदद से या उसके बिना उनकी सहमति के बिना किसी भी व्यावसायिक या व्यक्तिगत लाभ के लिए गलत इस्तेमाल करने से रोक दिया। इसके अतिरिक्त, न्यायालय ने प्रतिवादियों को ऐसी किसी भी वस्तु या अन्य सामान को बेचने अथवा उसकी बिक्री में सहायता करने से प्रतिबंधित कर दिया, जिससे अभिनेता के व्यक्तित्व अधिकारों का उल्लंघन होता हो।

अन्य प्रमुख खबरें