Asha Bhosle: आशा भोसले को अंतिम विदाई देते हुए रो पड़े सचिन तेंदुलकर, राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार

खबर सार :-
Asha Bhosle Funeral Live Updates: सचिन तेंदुलकर और आशा भोसले के बीच एक गहरा और भावनात्मक रिश्ता था। वह आखिरी बार 5 मार्च, 2026 को सचिन के घर उनके बेटे अर्जुन तेंदुलकर की शादी के मौके पर गई थीं।

Asha Bhosle: आशा भोसले को अंतिम विदाई देते हुए रो पड़े सचिन तेंदुलकर, राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार
खबर विस्तार : -

Asha Bhosle Funeral Updates: सुरों की मल्लिका आशा भोसले का रविवार 12 अप्रैल को 92 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने ब्रीच कैंडी अस्पताल में अपनी अंतिम सांस ली। आशा ताई निधन से संगीत जगत के साथ-साथ राजनीतिक और खेल जगत तक शोक की लहर दौड़ गई है। पूरे देश में शोक में डूबा हुआ है। आशा भोसले का आज अंतिम संस्कार किया जाएगा। उससे पहले महान सिंगर का पार्थिव शव उनके आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है। जहां बड़े-बड़े सितारे और नेता सिंगर को श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंच रहे हैं। इस बीच आशा ताई को अंतिम विदाई देने पहुंचे भारतीय क्रिकेट के महान खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर ( Sachin Tendulkar ) भी रो पड़े।

Asha Bhosle Funeral Updates:  अंतिम विदाई देते नम हुई तेंदुलकर की आंखें 

आशा भोसले के साथ गहरा पारिवारिक संबंध रखने वाले 'मास्टर ब्लास्टर' सचिन तेंदुलकर ( Sachin Tendulkar ) उनके पार्थिव शरीर को अंतिम विदाई देते हुए बेहद भावुक नजर आए। तेंदुलकर अपने आंखों से आंसू रोक नहीं पाए। सचिन अपनी पत्नी अंजलि के साथ अंतिम संस्कार में शामिल हुए। सचिन आशा भोसले को मां समान मानते थे। दरअसल सचिन तेंदुलकर और आशा भोसले के बीच गहरा आपसी सम्मान और पारिवारिक स्नेह का रिश्ता था।

आशा आखिरी बार 5 मार्च, 2026 को सचिन के घर गई थीं, ताकि उनके बेटे अर्जुन तेंदुलकर की शादी में शामिल हो सकें। इंटरव्यू में, आशा भोसले अक्सर यह कहती थीं कि वह सचिन की विनम्रता और उनके मूल्यों से बहुत प्रभावित थीं। आशा, सचिन को सिर्फ़ एक मशहूर मेहमान के तौर पर नहीं, बल्कि अपने ही परिवार के एक सदस्य के तौर पर मानती थीं। दिलचस्प बात यह है कि सचिन का नाम मशहूर संगीतकार सचिन देव बर्मन के नाम पर रखा गया था जो उनके पिता के पसंदीदा कलाकार थे और जो संयोग से आशा भोसले के ससुर भी थे।

राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार 

आशा भोसले की अंतिम विदाई की तैयारियां इस समय ज़ोरों पर हैं। कुछ ही देर में उनकी अंतिम यात्रा निकाली जाएगी और 4 बजे शिवाजी पार्क में किया जाएगा। उनके पार्थिव शरीर को राष्ट्रीय तिरंगे में लपेटा गया है। मुंबई पुलिस के बैंड ने उन्हें अंतिम सलामी दी, जिसके साथ ही उनके आठ दशकों तक चले बेमिसाल करियर का समापन हो गया। आशा ताई जिन्होंने अपने करियर के दौरान 11,000 से भी ज़्यादा गाने गाए को एक चमकीली नीली साड़ी पहनाई गई थी। यह रंग उन्हें बेहद पसंद था, और वे अक्सर सार्वजनिक कार्यक्रमों में इसी रंग की साड़ी पहनती थीं।

Asha Bhosle Died: 1933 में हुआ था जन्म

आशा भोसले का नाम भारतीय संगीत के इतिहास में हमेशा सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। आठ दशकों से भी लंबे अपने करियर के दौरान, वह संगीत जगत में सक्रिय रहीं और उन्होंने हजारों गाने गाए। उनकी आवाज़ में एक अनोखा जादू था, जिसने हर पीढ़ी के श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। आशा भोसले का जन्म 8 सितंबर, 1933 को हुआ था। वह इंडस्ट्री की एक महान गायिका थीं और दिवंगत, मशहूर गायिका लता मंगेशकर की छोटी बहन थीं।

आशा ने लगभग 12 हजार से ज्यादा गाने गाए, जो अपने आप में एक अनोखा रिकॉर्ड है। आशा भोसले ने अपनी सुरीली आवाज़ के दम पर इंडस्ट्री में अपनी एक अलग पहचान बनाई। उनके गाने आज भी बेहद पसंद किए जाते हैं, और उन्हें अपनी गायकी के लिए कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है।

अन्य प्रमुख खबरें