IPL Most Extra Runs : आईपीएल (IPL) के रोमांचक सफर में अक्सर बल्लेबाजों के चौके-छक्कों और गेंदबाजों की सटीक यॉर्कर की चर्चा होती है। लेकिन क्रिकेट के इस सबसे छोटे प्रारूप में कभी-कभी गेंदबाज अपनी लय खो देते हैं, जिसका खामियाजा टीम को 'अतिरिक्त रन' (Extras) के रूप में भुगतना पड़ता है। वाइड, नो-बॉल और बाई के रूप में दिए गए ये रन न केवल स्कोरबोर्ड बढ़ाते हैं, बल्कि फील्डिंग करने वाली टीम का मनोबल भी तोड़ देते हैं।
आइए नजर डालते हैं आईपीएल इतिहास की उन 5 पारियों पर, जहां गेंदबाजों ने दरियादिली दिखाते हुए सबसे ज्यादा अतिरिक्त रन लुटाए।
आईपीएल के पहले ही सीजन में एक ऐसा रिकॉर्ड बना जो आज भी शीर्ष पर है। 20 अप्रैल 2008 को कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ खेलते हुए डेक्कन चार्जर्स की टीम महज 110 रनों पर ढेर हो गई थी। छोटे लक्ष्य का पीछा कर रही केकेआर को चार्जर्स के गेंदबाजों ने और आसान रास्ता दे दिया। इस पारी में डेक्कन ने 28 अतिरिक्त रन दिए, जिसमें 15 वाइड, 8 लेग बाई, 4 बाई और 1 नो-बॉल शामिल थी। नतीजतन, केकेआर ने यह मैच आसानी से जीत लिया।
आरसीबी का नाम इस लिस्ट में कई बार आता है। धर्मशाला के खूबसूरत मैदान पर 17 मई 2011 को किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ बेंगलुरु के गेंदबाज पूरी तरह बेअसर नजर आए। पंजाब ने 232 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसमें आरसीबी का योगदान 27 एक्स्ट्रा रनों का रहा। इसमें 14 लेग बाई और 7 बाई जैसे रन शामिल थे। भारी भरकम लक्ष्य के दबाव में आरसीबी मात्र 121 रन पर सिमट गई और 111 रनों से मैच हार गई।
आईपीएल की दो सबसे सफल टीमों के बीच 16 मई 2009 को हुए मुकाबले में मुंबई इंडियंस ने अनुशासनहीन गेंदबाजी का प्रदर्शन किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए मुंबई ने 147 रन बनाए थे। जवाब में सीएसके को जीत के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ता, यदि मुंबई ने 26 एक्स्ट्रा रन न दिए होते। मुंबई ने इस पारी में 16 लेग बाई और 10 वाइड गेंदें फेंकी, जिससे चेन्नई ने 19.1 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया।
साल 2008 में ही आरसीबी ने एक और बार अतिरिक्त रनों की झड़ी लगा दी थी। जयपुर में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ खेलते हुए बेंगलुरु के गेंदबाजों ने 18 वाइड गेंदों सहित कुल 26 अतिरिक्त रन दिए। राजस्थान ने 1 विकेट खोकर 197 रनों का पहाड़ खड़ा किया। जवाब में बेंगलुरु की टीम सिर्फ 132 रन ही बना सकी और उसे 65 रनों की करारी शिकस्त झेलनी पड़ी।
यह मैच बेंगलुरु के लिए कुछ अलग था। 16 मई 2015 को मुंबई में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ आरसीबी ने एक बार फिर 26 एक्स्ट्रा रन (18 वाइड, 5 नो-बॉल और 3 लेग बाई) लुटाए। राजस्थान ने 199 रनों का मजबूत स्कोर बनाया। हालांकि, इस बार आरसीबी की किस्मत अच्छी थी और खराब गेंदबाजी के बावजूद उन्होंने यह मुकाबला 9 रनों के करीबी अंतर से जीत लिया।
आंकड़े गवाह हैं कि टी-20 जैसे छोटे फॉर्मेट में एक-एक रन की कीमत कितनी ज्यादा होती है। विशेष रूप से रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए 'अतिरिक्त रन' देना एक पुरानी समस्या रही है। अनुशासनहीन गेंदबाजी न केवल मैच का परिणाम बदल सकती है, बल्कि गेंदबाजों के करियर ग्राफ पर भी दाग लगाती है।