कोलकाता: कोलकाता की शाम और ईडन गार्डन्स की वो खामोश पिच, जो आज गवाह बनने वाली है टी20 वर्ल्ड कप के सबसे बड़े 'कत्लेआम' की! यह मैच सिर्फ दो टीमों की भिड़ंत नहीं है, बल्कि दो अलग-अलग क्रिकेट दर्शन (Philosophies) का टकराव है। एक तरफ वेस्टइंडीज के वो 'पावर-हिटर्स' हैं जो गेंद को स्टेडियम के पार पहुँचाने के लिए ही पैदा हुए हैं, और दूसरी तरफ भारत का वो अनुशासित गेंदबाजी आक्रमण है जिसने अच्छे-अच्छों के घमंड को धूल चटाई है। समीकरण सीधा और क्रूर है: जीत मिली तो सेमीफाइनल का शाही रास्ता, और हारे तो सीधा घर वापसी का टिकट। सवाल यह है कि क्या कैरेबियाई छक्कों का शोर, भारत की 'मिस्ट्री स्पिन' और बुमराह की सटीक यॉर्कर के वार को झेल पाएगा?
यह मुकाबला दुनिया की दो सबसे खतरनाक 'सिक्स हिटिंग' टीमों के बीच है। वेस्टइंडीज ने इस टूर्नामेंट में अब तक सबसे ज्यादा छक्के जड़े हैं, वहीं भारतीय टीम उनसे महज तीन छक्के पीछे (63 छक्के) है। जहाँ वेस्टइंडीज की ताकत उनकी लंबी हिट लगाने की क्षमता है, वहीं भारत का पलड़ा उनकी गेंदबाजी के कारण भारी नजर आ रहा है। भारतीय गेंदबाजों के पास गति, विविधता और 'मिस्ट्री' का वो मिश्रण है जो किसी भी बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त कर सकता है।
ईडन गार्डन्स का इतिहास वेस्टइंडीज के पक्ष में नहीं रहा है। साल 1983 के बाद से कैरेबियाई टीम इस मैदान पर भारत के खिलाफ कोई भी अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं जीत सकी है। इस दौरान उन्होंने यहाँ 9 मैच हारे हैं। इसके अलावा, वेस्टइंडीज 2016 के बाद से किसी भी आईसीसी इवेंट के सेमीफाइनल में नहीं पहुंच पाया है। दूसरी ओर, टीम इंडिया 2024 के सफल अभियान के बाद से लगातार अपना दबदबा बनाए हुए है।
इस मैच में कुछ व्यक्तिगत मुकाबले भी दिलचस्प होने वाले हैं:
अभिषेक शर्मा: युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा से टीम को एक विस्फोटक शुरुआत की उम्मीद होगी। हालांकि, ऑफ-स्पिन के खिलाफ उनका हालिया संघर्ष भारत के लिए चिंता का विषय हो सकता है।
रॉस्टन चेज: वेस्टइंडीज के रॉस्टन चेज भारत के बाएं हाथ के बल्लेबाजों के लिए खतरा बन सकते हैं। टीम इंडिया के टॉप-8 में पांच बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं, और चेज एकमात्र ऐसे स्पिनर हैं जो गेंद को उनसे दूर ले जा सकते हैं।
ब्रैंडन किंग की वापसी: वेस्टइंडीज के लिए राहत की खबर यह है कि ब्रैंडन किंग पूरी तरह फिट हैं और चयन के लिए उपलब्ध हैं।
कोलकाता में रविवार की शाम गर्म रहने वाली है और बारिश की कोई संभावना नहीं है। वेस्टइंडीज के कोच डैरेन सैमी के अनुसार पिच काफी शुष्क (Dry) नजर आ रही है, जिसका मतलब है कि स्पिनर्स को यहाँ मदद मिल सकती है। ऐसे में वरुण चक्रवर्ती और अक्षर पटेल की भूमिका अहम हो जाएगी।
भारत: अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन, तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती।
वेस्टइंडीज: ब्रैंडन किंग, शाई होप (कप्तान/विकेटकीपर), शिमरोन हेटमायर, रोवमैन पॉवेल, रॉस्टन चेज, शेरफेन रदरफोर्ड, रोमारियो शेफर्ड, जेसन होल्डर, मैथ्यू फोर्ड, गुडाकेश मोती, शमार जोसेफ।
"पुराने जमाने का डिफेंसिव क्रिकेट अब खत्म हो चुका है। वेस्टइंडीज 'रिस्क और रिवॉर्ड' का खेल खेलती है, और हमारी गेंदबाजी यूनिट इस चुनौती के लिए पूरी तरह तैयार है।"
— रयान टेन डोशेट, सहायक कोच (भारत)
क्या वेस्टइंडीज की 'पावर हिटिंग' भारतीय गेंदबाजी के चक्रव्यूह को तोड़ पाएगी? या फिर टीम इंडिया एक बार फिर सेमीफाइनल की ओर कदम बढ़ाएगी? यह देखना दिलचस्प होगा।