Waqf Amendment Act: वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 को चुनौती देने वाली एक दर्जन से ज्यादा जनहित याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सुनवाई करने से साफ इनकार कर दिया। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) न्यायमूर्ति संजीव खन्ना (Sanjeev Khanna) की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मंगलवार को कहा कि इस मामले में पांच याचिकाओं पर सुनवाई का आदेश पहले ही दिया जा चुका है और अब कोई नई याचिका स्वीकार नहीं की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की कि अधिकांश याचिकाएं एक-दूसरे से मिलती-जुलती हैं और कुछ पूरी तरह से कॉपी की गई हैं। शीर्ष अदालत (Supreme Court) ने याचिकाकर्ताओं को सलाह दी कि अगर उनके पास कोई नया या अतिरिक्त आधार है तो वे इस मामले में अलग से हस्तक्षेप आवेदन दायर कर सकते हैं।CJI न्यायमूर्ति संजीव खन्ना ने साफ कहा, "हम इस मामले में कोई और याचिका नहीं सुनना चाहते।" इसके साथ ही अदालत ने नई याचिकाओं को खारिज कर दिया।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट को खारिज की गई इन याचिकाओं में कई प्रमुख संगठनों और व्यक्तियों के नाम शामिल थे। ये याचिकाएं वक्फ अधिनियम और उसके प्रावधानों में हाल में किए गए संशोधनों की वैधता पर सवाल उठा रही थीं। वक्फ अधिनियम से जुड़े विवादों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला अहम कदम माना जा रहा है।
कोर्ट ने पहले से चयनित पांच याचिकाओं पर सुनवाई को प्राथमिकता देने का फैसला किया है, ताकि इस मामले में जल्द और स्पष्ट फैसला लिया जा सके। शीर्ष अदालत का मानना है कि एक ही तरह की याचिकाएं बार-बार दाखिल करने से न्यायिक प्रक्रिया में अनावश्यक देरी हो रही है। कोर्ट का यह निर्णय उन याचिकाकर्ताओं के लिए झटका है जिनकी याचिकाएं खारिज कर दी गई थीं।
अन्य प्रमुख खबरें
Pawan Khera: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के आवास पर असम पुलिस की छापेमारी, जानें क्या है पूरा
Bengal SIR: पश्चिम बंगाल में 91 लाख वोटर मतदाता सूची से बाहर, चुनाव आयोग ने जारी की जिलेवार लिस्ट
चंडीगढ़ और दिल्ली में धमकी भरे ई-मेल से दहशत, पुलिस और बम स्क्वॉड तैनात
योगी सरकार ने कहा- इजरायल में पूरी तरह सुरक्षित हैं यूपी के श्रमिक, लिया जा रहा डेली अपडेट
झांसी में बिजली संकट: एडवांस पेमेंट के बावजूद कटी बिजली, उपभोक्ताओं में रोष