Vijay Rupani Net Worth: गुजरात के अहमदाबाद में गुरुवार दोपहर हुए दुखद विमान हादसे (ahmedabad plane crash) से पूरा देश स्तब्ध हैं। अहमदाबाद से लंदन जा रहा एयर इंडिया (air india ) का विमान उड़ान भरने के दौरान ही क्रैश हो गया। इस हादसे में 265 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। विमान हादसे के वक्त प्लेन में सवार 242 लोगों में गुजरात के पूर्व सीएम व भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कद्दावर नेता विजय रूपाणी भी शामिल थे। वह इस प्लेन सीट नंबर 12 पर बैठे थे और अपने परिवार से मिलने लंदन जा रहे थे।
पूर्व सीएम रूपाणी के प्लेन में सवार होने की जानकारी होते ही सोशल मीडिया पर उनके बारे में खूब सर्च किया गया। राजकोट के रहने वाले 68 वर्षीय रूपाणी की मौत की खबर से शहर में मातम पसर गया है। इस शहर में उनकी छवि न सिर्फ एक नेता की थी बल्कि वे यहां के लोगों के बीच काफी लोकप्रिय भी थे। वे सिर्फ एक राजनीतिक व्यक्ति ही नहीं थे बल्कि ऐसे शख्स थे जो अपने पड़ोसियों के लिए भी समय निकालते थे।
बता दें कि विजय रूपाणी का जन्म 2 अगस्त 1956 को म्यांमार के यंगून में हुआ था। जैन परिवार में जन्मे रूपाणी सातवें और सबसे छोटे बच्चे थे। राजनीतिक अस्थिरता के कारण उनका परिवार 1960 में राजकोट आ गया था। रूपाणी ने सौराष्ट्र विश्वविद्यालय से बीए और एलएलबी की पढ़ाई पूरी की। वे 1971 में जनसंघ में शामिल हुए और भाजपा की स्थापना के बाद से ही उससे जुड़े रहे। वर्तमान में वह भाजपा के पंजाब-चंडीगढ़ के प्रभारी थे।
आपातकाल के दौरान रूपाणी को जेल भी जाना पड़ा। वो 11 महीने तक जेल में कैद रहे। इसके बाद उनके करियर में बड़ा बदलाव आया। 1987 में वे पहली बार राजकोट नगर निगम (आरएमसी) के नगर पार्षद चुने गए। इसके बाद 1996-1997 तक राजकोट के मेयर रहे और 2006-2012 तक राज्यसभा सांसद रहे। अगस्त 2014 में गुजरात विधानसभा के तत्कालीन अध्यक्ष वजुभाई वाला ने राजकोट पश्चिम विधानसभा सीट से विधायक पद से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद रूपाणी को उस सीट से उम्मीदवार बनाया गया। उन्होंने जीत हासिल की।
2014 में उन्हें गुजरात सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया । वहीं फरवरी 2016 में उन्हें गुजरात भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया। इतना नहीं अगस्त 2016 में उन्हें आनंदीबेन पटेल की जगह गुजरात के सीएम बने । पाटीदार आरक्षण आंदोलन की छाया में दिसंबर 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में रूपाणी ने बीजेपी को जीत दिलाई। सितंबर 2021 में रूपाणी ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया।
रूपाणी ने ऐसे समय में कमान संभाली थी, जब भाजपा मुश्किल दौर से गुजर रही थी और राज्य में जाति और समुदाय के आंदोलन अपने चरम पर थे। जब रूपाणी गुजरात के सीएम थे, तब उनकी छवि एक 'कॉमन मैन' की थी। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने सीएम के काफिले की एम्बर लाइटें हटा दीं और अपने सुरक्षाकर्मियों को यह भी निर्देश दिया कि जब उनका काफिला गुजर रहा हो, तो वे ट्रैफिक को न रोकें। आइए जानतें है विजय रूपाणी की नेट वर्थ और संपत्ति के बारे में…
गुजरात के पूर्व सीएम विजय रूपाणी के पास कुल 9 करोड़ रुपये संपत्ति थी। उन पर 83 लाख रुपये की देनदारी भी थी। 2017 में दाखिल चुनावी हलफनामे दी गई जानकारी के मुताबिक उनके पास कुल 2,10,233 रुपये नकद थे। जबकि बैंक खाते में कुल 74,93,158 रुपये जमा थे। इसके अलावा उन्होंने शेयर और म्यूचुअल फंड में 3,00,96,412 रुपये जमा किए थे। 2017 तक उन पर 83 लाख का पर्सनल लोन था।
इसके अलावा रूपाणी दंपत्ति के पास करीब 18 लाख रुपए की मोटर गाड़ियां थीं। 2017 में दिए गए हलफनामे के मुताबिक उनके पास 18 लाख रुपए के सोने-चांदी के गहने थे। जबकि एलआईसी आदि बीमा पॉलिसियों की कीमत उस समय करीब 17 लाख रुपए थी। उनके पास कुल चल संपत्ति करीब 55 लाख रुपए की थी। अचल संपत्ति की बात करें तो उनके पास राजकोट में गैर-कृषि भूमि थी जिसका बाजार मूल्य उस टाइम 1,41,76,000 रुपए था। उनके पास 2 करोड़ से अधिक कीमत की आवासीय इमारत भी थी। उस समय उनकी व्यावसायिक संपत्ति की कीमत 21 लाख रुपए थी, यानी कुल अचल संपत्ति करीब 3 करोड़ रुपए की थी।
कहा जा रहा है कि रूपाणी 1206 को अपना लकी नंबर मानते थे। अब इसे किस्मत का खेल कहें या कुछ और कि इसी नंबर वाली तारीख उनकी जिंदगी का आखिरी दिन साबित हुई। पूर्व सीएम रूपाणी के करीबियों की माने तो 1206 उनके लिए सिर्फ एक नंबर नहीं था बल्कि यह किस्मत का प्रतीक था। वह इस पर इतना विश्वास करते थे।
फिर चाहे पहली स्कूटी का नंबर हो या उनकी जितनी भी कारें हों, सभी की नंबर प्लेट पर 1206 लिखा होता था। उनके दोस्तों की मानें तो यह उनके लिए हमेशा से ही लकी रहा था। लेकिन शायद किस्मत पर किसी का बस नहीं चलता और 12/06 को इसने खतरनाक मोड़ ले लिया। 1206 नंबर जो अब तक रूपाणी के लिए लकी था, उनकी जिंदगी का आखिरी दिन बन गया।
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