Vande Mataram Debate in Lok Sabha : लोकसभा में सोमवार को ‘वंदे मातरम्’ (Vande Mataram) की 150वीं वर्षगांठ पर हुई चर्चा (Vande Mataram Debate in Lok Sabha) अचानक तीखी राजनीतिक बहस में बदल गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) द्वारा बहस की शुरुआत करते हुए कांग्रेस (congress) और विशेषकर जवाहरलाल नेहरू (Jawahar lal Nehru) को घेरने की कोशिश के बाद विपक्ष के डिप्टी लीडर गौरव गोगोई (Gaurav Gogoi) ने ऐसा जवाब दिया कि सदन में शोर-शराबा मच गया।
गौरव गोगोई ने अपने संबोधन में कहा कि ‘वंदे मातरम्’ (Vande Mataram) भारत की स्वतंत्रता आंदोलन की धड़कन था, एक ऐसा गीत जिसने हजारों युवाओं को संघर्ष के लिए प्रेरित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि आज राष्ट्रवाद का सबसे अधिक दावा करने वाली भारतीय जनता पार्टी (Bhartiya Janta Party) को यह बताना चाहिए कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उसके वैचारिक पूर्वज किस खेमे में थे। गोगोई के ऐसा बोलते ही सदन में शोर-शराबा होने लगा।
गोगोई ने कहा कि कांग्रेस के नेता जेल गए, फांसी पर चढ़े, जिनके खून और पसीने से ये गीत आज राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक है। लेकिन इतिहास बदलने की नाकाम कोशिश करके क्या वास्तविक सच्चाई छुपाई जा सकती है?”
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए गोगोई ने पश्चिम बंगाल (Weat Bengal) को केंद्र में रखा। उन्होंने कहा कि बीजेपी (BJP) ने बंगाल की सांस्कृतिक विरासत को हमेशा संदेह की नजर से देखा है। गोगोई ने आगे कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय (Bankim Chandra Chattopadhyay) बंगाल के गौरव थे, उन्होंने ‘वंदे मातरम्’ (Vande Mataram) रचा। लेकिन बीजेपी तो बंगाल की हर चीज को ‘बांग्लादेशी’ कहती फिरती है। उन्हें न बंगाल की भाषा समझ आती है, न संस्कृति।” उनके इतने कहते ही सदन में हंगामा मच गया। स्पीकर जगदंबिका पाल ने उन्हें विषय पर बने रहने की सलाह दी, लेकिन हंगामा शांत नहीं हुआ।
गोगोई ने तंज कसते हुए कहा कि जिस गीत को अंग्रेजी हुकूमत ने विद्रोह का प्रतीक मानकर प्रतिबंधित कर दिया था, उसी गीत के नाम पर आज राजनीति की जा रही है। उन्होंने कहा, 'अगर बीजेपी यह साबित कर दे कि उनके वैचारिक पूर्वजों ने भी कभी ‘वंदे मातरम्’ के कारण ब्रिटिश शासन का सामना किया, तो देश को बताएं।' इसके साथ ही उन्होंने PM मोदी पर भी निशाना साधा कि वे हर बहस को नेहरू के इर्द-गिर्द ले आते हैं, चीन पर नेहरू, अर्थव्यवस्था पर नेहरू और अब वंदे मातरम् में भी नेहरू। लेकिन मोदी जितनी कोशिश कर लें, नेहरू की विरासत को मिटा नहीं पाएंगे।
गोगोई ने दिल्ली ब्लास्ट, रुपये की गिरावट और अन्य मुद्दे भी छेड़ने की कोशिश की, लेकिन स्पीकर ने उन्हें रोक दिया। भाजपा सांसदों ने कड़ा विरोध किया। राहुल गांधी बहस में मौजूद नहीं थे, लेकिन विपक्ष की ओर से चर्चा का नेतृत्व पूरी तरह गोगोई ने किया। कल राज्यसभा में गृहमंत्री राजनाथ सिंह ‘वंदे मातरम्’ पर चर्चा की शुरुआत करेंगे। लोकसभा में यह बहस करीब दस घंटे तक चलेगी। जिससे यह शीतकालीन सत्र की सबसे लंबी बहसों में एक होगी।
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