Uttarkashi Cloudburst: उत्तराखंड के उत्तरकाशी ज़िले में मंगलवार को बादल फटने की घटना में लगभग चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 से ज़्यादा लोगों के लापता होने की आशंका है। फ़िलहाल बचाव अभियान जारी है। इस बीच, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी समेत कई नेताओं ने उत्तरकाशी त्रासदी पर दुख जताया है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
बता दें कि उत्तरकाशी में बचाव अभियान जारी है। आईटीबीपी की दो टीमें, एनडीआरएफ और सेना की एक टीम राहत कार्य में लगी हुई है। सेना की टीम में लगभग 80 जवान शामिल हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि खीर गंगा नदी के जलग्रहण क्षेत्र में बादल फटने की घटना हुई, जिसके बाद विनाशकारी बाढ़ आ गई। इस आपदा के कारण पानी और मलबे का सैलाब उमड़ पड़ा, जिससे पूरा इलाका जलमग्न हो गया और कई एजेंसियों को आपातकालीन राहत अभियान शुरू करना पड़ा। बताया जा रहा है कि सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने अब तक 130 लोगों को बचाया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी एक बयान में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यालय ने कहा, "उत्तरकाशी में बादल फटने की घटना की खबर बेहद दुखद है। मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करती हूँ और राहत एवं बचाव कार्यों में सफलता की कामना करती हूँ।"
इस बीच, प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी से उत्तरकाशी त्रासदी के बारे में जानकारी ली। सीएम धामी ने X पर बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन पर धराली (उत्तरकाशी) में बादल फटने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्हें राज्य सरकार, एसडीआरएफ, सेना और अन्य बचाव दलों द्वारा चलाए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी दी गई। प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।
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