Savitribai Phule Jayanti 2026 : सावित्रीबाई फुले की जयंती पर PM मोदी समेत तमाम नेताओं ने श्रद्धांजलि

खबर सार :-
Savitribai Phule Jayanti 2026 : सावित्रीबाई फुले भारत की पहली महिला शिक्षिका और समाज सुधारक थीं. उन्होंने 1848 में पुणे में लड़कियों के लिए पहला स्कूल खोला। 3 जनवरी को उनकी जयंती है।

Savitribai Phule Jayanti 2026 : सावित्रीबाई फुले की जयंती पर PM मोदी समेत तमाम नेताओं ने श्रद्धांजलि
खबर विस्तार : -

Savitribai Phule Jayanti 2026 : महिला सशक्तिकरण की प्रतीक और देश की पहली महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की जयंती शनिवार (3 जनवरी) को मनाई जा रही है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और समेत कई अन्य प्रमुख नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। समाज में शिक्षा, समानता और महिलाओं के अधिकारों के लिए सावित्रीबाई फुले के योगदान को याद किया।

Savitribai Phule Jayanti 2026 : पीएम मोदी और अमित शाह ने दी श्रद्धांजलि

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लिखा, "सावित्रीबाई फुले की जयंती के अवसर पर, हम उस अग्रणी समाज सुधारक को याद करते हैं, जिन्होंने सेवा और शिक्षा के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। वह समानता, न्याय और करुणा के मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध थीं। उनका मानना था कि शिक्षा सामाजिक परिवर्तन का सबसे शक्तिशाली साधन है। उन्होंने ज्ञान और सीखने के माध्यम से जीवन में बदलाव लाने पर जोर दिया। जरूरतमंदों के लिए उनका काम भी सराहनीय है।"

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सावित्रीबाई फुले की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा, "सावित्रीबाई फुले ने महिलाओं को शिक्षा के मौलिक अधिकार से जोड़कर महिला सशक्तिकरण को एक नई दिशा दी। उन्होंने सामाजिक बुराइयों के खिलाफ लड़ाई लड़ी, देश का पहला लड़कियों का स्कूल स्थापित किया और सामाजिक सुधार की लौ जलाई। उनका प्रेरणादायक जीवन राष्ट्र निर्माण में हमेशा मार्गदर्शक बना रहेगा।"

Savitribai Phule Jayanti 2026 : सीएम योगी ने भी किया नमन

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'X' पर एक पोस्ट में लिखा, "'क्रांतिज्योति' सावित्रीबाई फुले ने अपने साहस, संघर्ष और दूरदर्शिता से समाज में शिक्षा, समानता और महिलाओं के अधिकारों की लौ जलाई। उनका जीवन सामाजिक परिवर्तन और मानवीय गरिमा का प्रतीक है। मैं महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाली सावित्रीबाई फुले को उनकी जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।"

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लिखा, "महान समाज सुधारक, भारत की पहली महिला शिक्षिका, पूजनीय माता सावित्रीबाई फुले की जयंती पर, जिन्होंने जीवन भर महिलाओं की शिक्षा और सशक्तिकरण के लिए संघर्ष किया, मैं उनके चरणों में विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। आपने दलितों, वंचितों और महिलाओं के उत्थान के लिए जो अभूतपूर्व कार्य किया है, वह समाज के पुनर्निर्माण के लिए हम सभी को हमेशा प्रेरित करता रहेगा।" 

महिलाओं के अधिकारों के लिए समर्पित किया जीवन

उल्लेखनीय है कि सावित्रीबाई फुले सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि एक विचार, एक क्रांति हैं।  वह भारत की पहली महिला शिक्षिका और समाज सुधारक थीं। जब लड़कियों का स्कूल जाना समाज में अपराध माना जाता था, उस दौर में सावित्रीबाई फुले ने किताब को हथियार बनाकर अंधेरे में रोशनी जलाई और महिलाओं की शिक्षा की नींव रखी। सावित्रीबाई फुले ने 1848 में पुणे में लड़कियों के लिए पहला स्कूल खोला था। उन्होंने न सिर्फ लड़कियों के लिए पहला स्कूल खोला, बल्कि विधवाओं, दलितों और वंचितों के लिए भी शिक्षा के द्वार खोले। 

इतना ही नहीं उन्होंने बाल विवाह, जातिवाद, छुआछूत और महिलाओं के अधिकारों के लिए खुलकर आवाज उठाई। उन्होंने अपना जीवन विधवाओं के पुनर्वास, अनाथ बच्चों की देखभाल और महिलाओं की शिक्षा के लिए समर्पित कर दिया। उनका संघर्ष आज भी लाखों बेटियों के सपनों की नींव है। उनका विजन आज भी हमें सिखाता है कि शिक्षा सामाजिक बदलाव की सबसे बड़ी ताकत है। 

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