रफ्तार का नया युग: 15 अगस्त 2027 से पटरी पर दौड़ेगी भारत की पहली बुलेट ट्रेन

खबर सार :-
भारत में 15 अगस्त 2027 से पहली बुलेट ट्रेन शुरू होने जा रही है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने परियोजना की समय-सीमा और वंदे भारत स्लीपर ट्रेन से जुड़ी अहम जानकारी साझा की।

रफ्तार का नया युग: 15 अगस्त 2027 से पटरी पर दौड़ेगी भारत की पहली बुलेट ट्रेन
खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: भारतीय रेलवे जल्द ही इतिहास के सबसे तेज और आधुनिक दौर में प्रवेश करने जा रही है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संकेत दिए हैं कि 15 अगस्त 2027 को देश को उसकी पहली बुलेट ट्रेन (India's first bullet train) मिल जाएगी। यह परियोजना न केवल परिवहन व्यवस्था को नई गति देगी, बल्कि भारत की तकनीकी क्षमता और बुनियादी ढांचे की मजबूती का भी प्रतीक बनेगी। रेल मंत्री ने हाल ही में मीडिया से बातचीत के दौरान हल्के-फुल्के अंदाज़ में कहा कि लोग अभी से टिकट की तैयारी कर लें, क्योंकि बुलेट ट्रेन अब दूर नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार इस महत्वाकांक्षी परियोजना को तय समय-सीमा में पूरा करने के लिए पूरी गंभीरता और निरंतर निगरानी के साथ काम कर रही है।

India's first bullet train : बुलेट ट्रेन की टेस्टिंग और जरूरी सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी

इसी क्रम में वैष्णव ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को लेकर भी बड़ी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस ट्रेन की टेस्टिंग और जरूरी सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसका पहला परिचालन गुवाहाटी से कोलकाता के बीच प्रस्तावित है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शीघ्र ही हरी झंडी दिखाएंगे। यह ट्रेन लंबी दूरी की रात्रिकालीन यात्राओं को आरामदायक, सुरक्षित और आधुनिक अनुभव में बदलने का वादा करती है। रेल मंत्री के अनुसार, वंदे भारत स्लीपर में विश्वस्तरीय सुविधाएं, उन्नत सुरक्षा व्यवस्था और यात्रियों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया इंटीरियर होगा। इससे भारतीय रेलवे की छवि एक आधुनिक और भरोसेमंद परिवहन प्रणाली के रूप में और मजबूत होगी।

 India's first bullet train : प्रधानमंत्री ने परियोजना से जुड़े कर्मियों की मेहनत की सराहना की

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की प्रगति का जायजा ले चुके हैं। अपने गुजरात दौरे के दौरान उन्होंने सूरत में निर्माणाधीन बुलेट ट्रेन स्टेशन का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने इंजीनियरों और कर्मचारियों से सीधे संवाद कर कार्य की प्रगति, चुनौतियों और समाधान के तरीकों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने परियोजना से जुड़े कर्मियों की मेहनत की सराहना करते हुए कहा था कि यह योजना केवल गुजरात ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। हाई-स्पीड रेल परियोजना से न सिर्फ यात्रा का समय घटेगा, बल्कि भारत के परिवहन तंत्र को वैश्विक मानकों के करीब लाने में भी यह अहम भूमिका निभाएगी।

अन्य प्रमुख खबरें