लखनऊ: अपने आपत्तिजनक वीडियो और कमेंट की वजह से चर्चा में आईं तथा कथित लोक गायिका नेहा सिंह राठौर और लखनऊ विश्वविद्यालय में भाषा विज्ञान विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मद्री काकोटी के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कि गई है। इस घटना को लेकर देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। पुलिस ने दोनों मामलों में एफआईआर दर्ज होने के बाद जांच शुरू कर दी है।
नेहा सिंह राठौर और डॉ माद्री को लेकर नागरिक समाज, शिक्षा संस्थानों तथा प्रबुद्ध वर्ग के लोगों की तेजी से प्रतिक्रिया आई है। लखनऊ विश्वविद्यालय में डॉ. माद्री के समर्थन में संयुक्त छात्र मोर्चा की ओर से जोरदार प्रदर्शन हुआ, जिसमें एफआईआर निरस्त करने तथा कारण बताओ नोटिस वापस लेने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति से सवाल किया कि जिस विषय को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया किया गया है, क्या वह विश्वविद्यालय प्रशासन के कार्य क्षेत्र में आता है। लखनऊ विश्वविद्यालय टीचर्स एसोसिएशन (लूटा) ने भी वीसी को पत्र लिखकर नोटिस वापस न लेने पर बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने का अल्टीमेटम दिया है। लूटा ने कहा कि नोटिस में कोड आफ कंडक्ट के उल्लंघन की बात कही गई है, तो विश्वविद्यालय प्रशासन बताए कि पोस्ट से किस तरह कोड आफ कंडक्ट का उल्लंघन हुआ है। इस मामले में कुल सचिव ने नोटिस में साक्ष्य की बात भी कही है। लूटा ने पूछा है कि कुल सचिव बताएं कि नोटिस किस साक्ष्य के आधार पर जारी किया गया है। अगर उनके पास साक्ष्य नहीं है, तो नोटिस कैसे जारी किया गया है। विश्वविद्यालय कैंपस में छात्रों के एक हिस्से द्वारा इस कार्रवाई का विरोध किया जा रहा है। वहीं, दूसरी तरफ एबीपी डॉ. माद्री पर कार्रवाई करने के लिए प्रशासन पर लगातार दबाव बनाए हुए है। यह मामला विश्वविद्यालय प्रशासन के गले की हड्डी बन गया है। इसकी गूंज अन्य शिक्षण संस्थानों में सुनी जा रही है।
डेमोक्रेटिक टीचर्स इनीशिएटिव (DTI) ने विभिन्न विश्वविद्यालयों में अकादमिक स्वतंत्रता पर बढ़ रहे हमलों के खिलाफ दिल्ली में एक महत्वपूर्ण परिचर्चा का आयोजन किया, जिसमें अभिव्यक्ति पर होने वाले हमलों के खिलाफ प्रतिरोध तेज करने और हाल ही में अपनी अभिव्यक्तियों के लिए एफआईआर झेल रहीं लखनऊ विश्विद्यालय की प्रोफेसर माद्री काकोटी और नेहा सिंह राठौर के साथ एकजुटता दिखाई गई। नागरिक व बौद्धिक समाज के लोगों में भी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के खिलाफ बेजा कार्रवाई को लेकर प्रतिक्रिया देखने को मिली है। लखनऊ की सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस आयुक्त को ज्ञापन सौंपा है। इस प्रतिनिधिमंडल में लखनऊ विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति प्रो.रूपरेखा वर्मा, प्रो. रमेश दीक्षित, इप्टा से संस्कृतिकर्मी दीपक कबीर, ट्रेड यूनियन नेता दिनकर कपूर, एडवा की वंदना राय, आइसा/जसम के शांतम , ऐपवा की मीना सिंह, महिला फेडरेशन की कांति मिश्रा, लखनऊ बचाओ संघर्ष समिति के इमरान राजा और व्यंग्यकार राजीव ध्यानी शामिल थे।
नेहा सिंह राठौर ने एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने पहलगाम हमले को लेकर की गई पोस्ट में प्रधानमंत्री पर निशाना साधा था। यह पोस्ट काफी वायरल हुआ। एक्स पर पोस्ट किए गए वीडियो को पाकिस्तान के पूर्व मंत्री फवाद हुसैन ने नेहा सिंह राठौर की तारीफ करते हुए उन्हें 'बहादुर' लिखा। इसके बाद हजरतगंज कोतवाली में वीडियो को लेकर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। उनके इस वीडियो को देशद्रोह की कार्रवाई माना गया। इसी प्रकार लखनऊ विश्वविद्यालय में भाषा विज्ञान विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मद्री काकोटी (डॉ मेडुसा) ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि धर्म पूछकर गोली मारना, धर्म पूछकर लिंच करना, धर्म पूछकर नौकरी से निकालना और धर्म पूछकर बुलडोज करना—यह सब बर्बरता और आतंकवाद है और असली आतंकियों को पहचानने की ज़रूरत है। इस विषय को लेकर एबीपी ने डॉ माद्री के विरुद्ध हसनगंज (लखनऊ) थाना में देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कराया है। वीसी कार्यालय पर प्रदर्शन कर विश्वविद्यालय प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है।
लखनऊ विश्वविद्यालय के कुल सचिव की ओर से डॉ. माद्री को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया तथा पांच दिन के अंदर के साक्ष्य सहित उनसे जवाब मांगा गया। नेहा सिंह राठौर और डॉ. माद्री के मामले में पुलिस ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है। हजरतगंज पुलिस ने फेसबुक और एक्स पर पोस्ट नेहा राठौर के वीडियो को फोरेंसिक जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा है। जांच में कोई भी गलती ना हो, इसके लिए वीडियो को एफएसएल भेजा गया है। एफएसएल जांच में यह पता किया जाएगा कि कहीं वीडियो फेक तो नहीं है। पुलिस को एक्स की रिपोर्ट का इंतजार भी है। पुलिस ने साइबर सेल की मदद से एक्स को अकाउंट डिटेल के लिए रिमाइंडर भेजा है। माना जा रहा है कि पुख्ता साक्ष्य जुटने के बाद पुलिस नेहा के खिलाफ कार्रवाई करेगी। वहीं, हसनगंज थाने की पुलिस ने पहलगाम आतंकी हमले के मामले में लखनऊ विश्वविद्यालय की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ माद्री काकोटि के खिलाफ देशद्रोह की रिपोर्ट दर्ज कराने वाले एबीपी के महानगर सहमंत्री जतिन शुक्ला के बयान को दर्ज किया। इंस्पेक्टर अमर सिंह ने बताया कि जांच अधिकारी के सामने बयान में जतिन ने वही बात दोहराई जो उन्होंने तहरीर में लिखी थी।
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