देश में नही लगेगा लॉकडाउन... मिडिल ईस्ट संकट पर PM मोदी ने मुख्यमंत्रियों से की बात, कहा-'टीम इंडिया' की तरह मिलकर करेंगे काम

खबर सार :-
PM Modi Meeting All CM: मध्य-पूर्व में चल रहे युद्ध और तेल आपूर्ति के संभावित संकट को देखते हुए, PM मोदी ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। करीब दो घंटे चली इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि वैश्विक संकट के बावजूद, देश के भीतर पेट्रोल, डीजल और ज़रूरी सामानों की आपूर्ति बिना किसी रुकावट के जारी रहे और आम जनता पर कोई अतिरिक्त बोझ न पड़े।

देश में नही लगेगा लॉकडाउन... मिडिल ईस्ट संकट पर PM मोदी ने मुख्यमंत्रियों से की बात, कहा-'टीम इंडिया' की तरह मिलकर करेंगे काम
खबर विस्तार : -

PM Modi Meeting All CM: मिडिल ईस्ट में उभरते संकट को देखते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपालों के साथ एक अहम बैठक की। लगभग दो घंटे तक चली इस बैठक में देश की तैयारियों, सप्लाई चेन, ऊर्जा सुरक्षा और नागरिकों के हितों की सुरक्षा पर विस्तार से चर्चा हुई, साथ ही मौजूदा हालात की समीक्षा भी की गई। बैठक के दौरान, PM मोदी ने मुख्यमंत्रियों को एक साफ संदेश दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि "हमें 'टीम इंडिया' के तौर पर मिलकर काम करना होगा।" सूत्रों के मुताबिक पीएम मोदी ने मीटिंग में यह भी कहा कि मौजूदा संकट की वजह से देश में कोई लॉकडाउन नहीं लगेगा।

PM Modi Meeting All CM: पांच राज्यों के CM बैठक में नहीं हुए शामिल

इस बैठक में चुनाव वाले राज्यों के मुख्यमंत्री बैठक से नदारद रहे। पश्चिम बंगाल, असम, केरल, पुडुचेरी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री इस वर्चुअल बैठक में शामिल नहीं हो पाए, जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी। इन पांच राज्यों में चल रहे चुनावों के कारण, अभी 'आचार संहिता' (Model Code of Conduct) लागू है; इसी वजह से, उनके प्रतिनिधि इस चर्चा में हिस्सा नहीं ले सके।

पीएम मोदी ने कोरोना महामारी का दिया उदाहरण

सभी मुख्यमंत्रियों द्वारा दिए गए सुझावों की सराहना करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि ये सुझाव बदलते हालात से प्रभावी ढंग से निपटने में मददगार साबित होंगे। उन्होंने इस चुनौती का सामना करने में सतर्कता, तैयारी और केंद्र तथा राज्यों के बीच बेहतर तालमेल को सबसे बड़ी ताकत बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने अतीत में भी वैश्विक संकटों का सफलतापूर्वक सामना किया है। 

प्रधानमंत्री मोदी ने मौजूदा हालात की तुलना COVID-19 महामारी से की है, जो ठीक छह साल पहले आई थी। उन्होंने कहा कि जिस तरह COVID-19 संकट के दौरान केंद्र और राज्यों ने 'टीम इंडिया' के तौर पर मिलकर काम किया था, उसी तरह आज भी आपसी सहयोग की उसी भावना की एक बार फिर ज़रूरत है।

देश में नहीं लगेगा लॉडाउन

बता दें कि मार्च 2020 में जब पूरी दुनिया थम सी गई थी तब PM मोदी ने मुख्यमंत्रियों के साथ लगातार बैठकों का सिलसिला शुरू किया था। उन बैठकों में से सबसे पहली बैठक 20 मार्च 2020 को हुई थी, ठीक उस दिन से चार दिन पहले जब पूरे देश में तीन हफ़्ते का देशव्यापी लॉकडाउन लगाया गया था। उस मुश्किल दौर में, उन्होंने मुख्यमंत्रियों के साथ एक दर्जन से ज़्यादा बार चर्चा की थी, ताकि टेस्टिंग, कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और मेडिकल इलाज में कोई कमी न रह जाए।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि हालात लगातार बदल रहे हैं; इसलिए, लगातार निगरानी और रणनीतिक लचीलापन बेहद ज़रूरी है। उन्होंने बताया कि एक अंतर-मंत्रालयी समूह 3 मार्च से ही रोज़ाना हालात की समीक्षा कर रहा है और ज़रूरत पड़ने पर फ़ैसले ले रहा है। सरकार की मुख्य प्राथमिकताओं में आर्थिक स्थिरता, व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, नागरिकों की सुरक्षा और उद्योगों की मज़बूती शामिल है।

जमाखोरी पर एक्शन, सप्लाई चेन पर जोर

प्रधानमंत्री ने कहा कि नीतियों का प्रभावी क्रियान्वयन राज्य स्तर पर ही होता है; इसलिए, केंद्र और राज्यों के बीच लगातार बातचीत और तालमेल बेहद ज़रूरी है। उन्होंने राज्यों को निर्देश दिया कि वे सप्लाई चेन के सुचारू रूप से चलने को सुनिश्चित करें और जमाखोरी तथा मुनाफाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। उन्होंने राज्य और जिला स्तर पर कंट्रोल रूम को सक्रिय करने, प्रशासन को अलर्ट पर रखने और ज़रूरी चीज़ों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।

अफवाहों पर नियंत्रण

प्रधानमंत्री ने चेतावनी दी कि ऐसे समय में अफवाहें और गलत जानकारी तेजी से फैलती हैं, जिससे घबराहट का माहौल बन सकता है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि जनता तक सही और भरोसेमंद जानकारी समय पर पहुंचाना बहुत जरूरी है। इसके अलावा, उन्होंने नागरिकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी और धोखेबाज एजेंटों से सावधान रहने की सलाह दी। लंबे समय की तैयारी के हिस्से के तौर पर, प्रधानमंत्री ने बायोफ्यूल, सौर ऊर्जा, गोवर्धन योजना, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और पाइप वाली प्राकृतिक गैस के विस्तार पर ज़ोर दिया। उन्होंने तेल और प्राकृतिक गैस के घरेलू उत्पादन को बढ़ाने के लिए राज्यों के सहयोग की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला।

देश में पेट्रोल-डीजल और LPG की पर्याप्त उपलब्धता

बैठक में भाग लेने वाले मुख्यमंत्रियों ने विश्वास व्यक्त किया कि देश में पेट्रोल-डीज़ल और LPG की पर्याप्त सप्लाई है। सप्लाई व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने ईंधन पर एक्साइज़ ड्यूटी कम करने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे आम लोगों को राहत मिलेगी। मुख्यमंत्रियों ने केंद्र सरकार के उस फैसले की भी सराहना की जिसमें कमर्शियल LPG का आवंटन बढ़ाकर संकट से पहले के स्तर का 70 प्रतिशत कर दिया गया है, जो पहले 50 प्रतिशत था। उन्होंने केंद्र के साथ मिलकर काम करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। अपने समापन भाषण में, प्रधानमंत्री ने कहा कि यह चुनौती एक साझा ज़िम्मेदारी है और "टीम इंडिया" के रूप में मिलकर काम करते हुए, देश इस स्थिति पर सफलतापूर्वक काबू पा लेगा।

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