NDA Cm Meeting : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में रविवार को एनडीए के 20 राज्यों के मुख्यमंत्रियों और 18 उपमुख्यमंत्रियों की बैठक राजधानी दिल्ली में सम्पन्न हुई। यह बैठक कई मायनों में खास रही। एक तरफ जहां यह बैठक सुशासन की दिशा में केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग का प्रतीक बनी, वहीं दूसरी ओर ऑपरेशन सिंदूर के बाद आगामी चुनावों की रणनीति के लिहाज से भी यह एक निर्णायक बैठक साबित हो सकती है।
इस बैठक में एनडीए का खुद को एकजुट और संगठित दिखाना प्राथमिक उद्देश्य रहा। ऑपरेशन सिंदूर के जरिए जहां बीजेपी ने महाराष्ट्र, बिहार और अन्य राज्यों में राजनीतिक रूप से मजबूती हासिल की, वहीं अब यह बैठक बताती है कि पार्टी और गठबंधन चुनावी समर के लिए तैयार है।
बैठक में प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा मौजूद रहे। पीएम मोदी ने कहा कि राज्यों ने जल संरक्षण, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, खेल और शिकायत निवारण जैसे क्षेत्रों में बेहतरीन कार्य किए हैं। डबल इंजन सरकार की योजनाओं को लोगों तक तेज़ी से पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने प्रशासनिक सुधारों और जनकल्याण योजनाओं के साझा अनुभवों को एक-दूसरे के साथ बाँटने की बात भी कही।
इस बैठक में विशेष रूप से आने वाले विधानसभा चुनावों और 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर भी मंथन हुआ। रणनीति साफ दिखाई दे रही कि विपक्ष का मुकाबला करने के लिए एनडीए के तहत एकजुट होकर और केंद्र व राज्य सरकारों की उपलब्धियों को प्रभावशाली ढंग से जनता तक पहुँचाना।
बैठक का एक प्रमुख पहलू यह भी था कि किस तरह विभिन्न राज्य जल संरक्षण, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाएं, कृषि और प्रौद्योगिकी में नवीनीकरण कर रहे हैं। इन सफल मॉडलों को अन्य राज्य अपनाकर अपने नागरिकों को बेहतर सेवाएं दे सकते हैं। सुशासन के इन अनुभवों को साझा करने से प्रशासनिक दक्षता और पारदर्शिता में भी सुधार की उम्मीद है।
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