Murshidabad Violence: कलकत्ता उच्च न्यायालय ने गुरुवार को मुर्शिदाबाद हिंसा का संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार को सख्त निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने साफ किया है कि हिंसा के कारण घर छोड़ने वाले लोगों की वापसी सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष समिति गठित की जाए। साथ ही हिंसा प्रभावित इलाकों में केंद्रीय बलों की तैनाती भी रहेगी।
इसके साथ ही कोर्ट ने एनआईए जांच की मांग को लेकर कोई स्थिति स्पष्ट नहीं की है। हालांकि, कोर्ट ने कहा कि अगर केंद्र सरकार को लगता है कि स्थिति की मांग है तो वह एनआईए जांच का आदेश देने के लिए अपने अधिकार का इस्तेमाल कर सकती है। वहीं राज्य सरकार को समिति बनाने का निर्देश देकर कोर्ट ने अभी ऐसी किसी जांच पर सहमति नहीं जताई है। हाईकोर्ट ने कहा कि इस समिति में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, राज्य मानवाधिकार आयोग और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण का एक-एक प्रतिनिधि शामिल होगा। इस समिति का मुख्य काम विस्थापित लोगों को सुरक्षित उनके घर वापस भेजना होगा।
पिछले सप्ताह मुर्शिदाबाद के जंगीपुर, सुती, शमशेरगंज और अन्य इलाकों में वक्फ एक्ट में संशोधन के विरोध में हिंसा भड़क उठी थी। इसमें अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पहले ही बीएसएफ की मदद ली जा चुकी थी और अब हाईकोर्ट के निर्देशानुसार केंद्रीय बलों की कुल 17 कंपनियां तैनात की गई हैं।
राज्य पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार ने खुद जिले का दौरा कर बीएसएफ के साथ स्थिति की समीक्षा की है। पिछले 72 घंटों में कोई नई हिंसक घटना सामने नहीं आई है। धुलियान, सुती और शमशेरगंज जैसे इलाकों में धीरे-धीरे जनजीवन सामान्य हो रहा है।
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