Jagannath Rath Yatra 2025: उड़ीसा के पुरी में 27 जून से शुरू होने वाली विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा के लिए पुलिस ने सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए हैं। इस बार यात्रा के दौरान 275 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी और 10 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। पुलिस महानिदेशक (डीजी) वाई.बी. खुरानिया की अध्यक्षता में अंतिम पुलिस ब्रीफिंग पूरी हो गई है। डीजी ने कहा कि रथ यात्रा के सुचारू और सुरक्षित संचालन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
पुलिस महानिदेशक के अनुसार पुरी में भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा के लिए सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को आठ जोन में बांटा गया है। मंदिर परिसर, यातायात नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन के लिए विस्तृत योजना बनाई गई है। पहली बार एकीकृत कमांड और कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जो वास्तविक समय में निगरानी करेगा। श्री मंदिर क्षेत्र और आसपास के इलाकों में 275 AI-सक्षम CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जिनका कवरेज भुवनेश्वर से पुरी और पुरी से कोणार्क तक फैला हुआ है। इन कैमरों की लाइव फीड की निगरानी कई कंट्रोल रूम से की जाएगी, ताकि त्वरित कार्रवाई हो सके।
उनके अनुसार, यातायात प्रबंधन के लिए विशेष योजना लागू की गई है। ड्रोन रोधी प्रणाली, तोड़फोड़ रोधी टीमें, डॉग स्क्वॉड और 200 पुलिस प्लाटून तैनात किए गए हैं। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (BSF, CRPF, RAF) की आठ कंपनियां भी व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करेंगी। तटीय सुरक्षा के लिए मरीन पुलिस, तटरक्षक और भारतीय नौसेना संयुक्त गश्त करेगी। हवाई निगरानी के लिए ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जाएगा। उच्च स्तरीय सुरक्षा आकलन के बाद पहली बार एनएसजी स्नाइपर्स भी तैनात किए गए हैं। कुल 10 हजार से अधिक पुलिसकर्मी, केंद्रीय बल और होमगार्ड ड्यूटी पर रहेंगे।
डीजी खुरानिया ने बताया कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए चैटबॉट आधारित ऐप लॉन्च किया गया है। यह ऐप रियल टाइम ट्रैफिक की स्थिति, वैकल्पिक मार्ग, पार्किंग की उपलब्धता और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करेगा। उन्होंने लोगों से इस ऐप का उपयोग करने और पुलिस के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की। हेल्पलाइन नंबर भी उपलब्ध कराए गए हैं, जिनके माध्यम से किसी भी असुविधा के मामले में नियंत्रण कक्ष से संपर्क किया जा सकता है। खुरानिया ने कहा, "हमने पुरी को पूर्ण सुरक्षा घेरे में रखने की व्यवस्था की है। ओडिशा पुलिस, केंद्रीय बल और तटरक्षक बल मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि रथ यात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित हो।" उन्होंने श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील भी की, ताकि यह पवित्र त्योहार सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
बता दें कि पुरी में विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ की की यात्रा 27 जून से शुरू हो रही है। पूरी के जगन्नाथ मंदिर से शुरू होकर गुंडीचा मंदिर तक जाती है। भगवान जगन्नाथ अपनी बहन सुभद्रा और भाई बलराम के साथ तीन अलौकिक सुंदर रथों में सवार होकर अपनी मौसी के घर गुंडीचा मंदिर जाते हैं और फिर सात दिन तक वहीं विश्राम करते हैं। इस दौरान तीनों रथों को भव्य रूप से सजाया जाता है। माना जाता है कि जो इंसान भगवान जगन्नाथ का रथ खींचता है, उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। वहीं इस रथ यात्रा को देखने को लिए लाखों की तादाद में भक्त शामिल होते हैं, इसलिए सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा है।
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