Northeast floods-landslides: भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में पिछले कई दिनों हो रही भारी बारिश और भूस्खलन से कोहराम मचा हुआ है। असम, मिजोरम, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश समेत पूर्वोत्तर राज्यों में इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 30 से ज्यादा लोगों मौत हो चुकी है। असम के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति भयावह है और 10,000 से अधिक लोग फंसे हुए हैं। वहीं मणिपुर में भी भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। सड़कें टूट गई हैं और नदियां उफान पर हैं। सेना और स्थानीय प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। वहीं मौसम विभाग ने कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
बता दें कि असम, मेघालय, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर भूस्खलन और बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। असम के 12 जिलों में करीब 60 हजार लोग प्रभावित हुए हैं। अरुणाचल प्रदेश में भूस्खलन के कारण नौ लोगों के मरने की खबर है। पूर्वी कामेंग जिले में बाना-चेप्पा राजमार्ग पर एक वाहन के खाई में गिर जाने से दो परिवारों के सात सदस्यों की मौत हो गई। लोअर सुबनसिरी जिले के पास भूस्खलन में भी दो लोगों की मौत की खबर है। पश्चिमी कामेंग में बालीपारा-चारदुवार-तवांग मार्ग पर भूस्खलन के कारण कई गांवों को जोड़ने वाली सड़क बंद हो गई, जिससे कई यात्री फंस गए।
उधर मणिपुर में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने सेनापति, तामेंगलोंग, नुने और फेरजौल के पहाड़ी जिलों में जमकर कहर बरपाया है। इंफाल नदी के तटबंध टूटने से इंफाल पूर्व का एक बड़ा हिस्सा जलमग्न हो गया है। राज्य प्रशासन ने बताया कि इंफाल पूर्व और पश्चिम जिलों से महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और अन्य लोगों सहित कम से कम 800 लोगों को निकाला गया है।
भारतीय सेना और असम राइफल्स ने शनिवार को 'ऑपरेशन जलराहत' के तहत मणिपुर के बाढ़ प्रभावित इलाकों से 1000 से ज्यादा नागरिकों को बचाया। बारिश के कारण शनिवार को इंफाल में भारी जलभराव हो गया, जिससे सड़कों पर यातायात ठप हो गया और सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। शहर और उसके आसपास के निचले इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हुए।
मिजोरम में भी स्थिति अलग नहीं रही। पिछले 24 घंटे में विनाशकारी बाढ़ के कारण चार लोगों की मौत हो गई। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार चंपई जिले में अचानक आई बाढ़ में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई, जबकि सेरछिप में एक अन्य व्यक्ति की जान चली गई। कई जिलों में भूस्खलन से मकान और सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं।
मिजोरम के राज्यपाल ने किया प्रभावित इलाकों का दौरा
उधर मिजोरम के राज्यपाल जनरल वीके सिंह और आपदा प्रबंधन मंत्री प्रोफेसर लालनीलवमा ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया और मृतकों के परिवारों को चार-चार लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की। पूरे राज्य में राहत और निगरानी अभियान जारी है।
इसके साथ ही भारी बारिश के कारण उत्तरी सिक्किम में निर्माणाधीन संकलंग पुल का एक हिस्सा तीस्ता नदी में बह गया। यह पुल उत्तरी सिक्किम के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह जोंगू, चुंगथांग, लाचुंग और लाचेन को बाकी इलाके से जोड़ने वाली एकमात्र संपर्क सड़क है।
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