Dimple Yadav on Infiltrators : समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) की सांसद डिंपल यादव (Dimple Yadav) ने केंद्र सरकार पर घुसपैठियों के मुद्दे को लेकर जबरदस्त हमला बोलते हुए कहा कि यदि देश में घुसपैठ बड़ा खतरा है, तो केंद्र की सरकार पिछले 11 वर्षों से क्या कर रही थी? दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि जब सरकार के पास घुसपैठियों से संबंधित आँकड़े मौजूद हैं, तो यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए कि वे लोग हैं कौन।
डिंपल यादव (Dimple Yadav) ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार घुसपैठ के मुद्दे को उठा रही है लेकिन वास्तविक पहचान और कार्रवाई की दिशा में ठोस कदम नजर नहीं आते। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार को यह पता है कि कितने घुसपैठिए देश में मौजूद हैं, तो उन व्यक्तियों की पहचान सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही? डिंपल ने जोर देकर कहा कि यह मुद्दा बार-बार उठाकर जनता का ध्यान रोजगार, महंगाई और आम लोगों की समस्याओं से भटकाने की रणनीति का हिस्सा है। सपा सांसद का कहना है कि देश की सीमाओं की सुरक्षा और अवैध प्रवेश रोकना केंद्र का दायित्व है। ऐसे में वर्षों से सत्ता में बैठी सरकार घुसपैठ का आरोप लगाकर अपनी ही जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकती। उन्होंने कहा, “अगर घुसपैठिए हैं, तो यह बताना सरकार की जिम्मेदारी है कि वे कब और कैसे आए? और अगर अब पता चला है, तो 11 सालों में सुरक्षा एजेंसियाँ क्या कर रही थीं?”
डिंपल यादव (Dimple Yadav) के बयान के पहले भी समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) इसी मुद्दे पर केंद्र व राज्य सरकारों पर सवाल खड़े कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि यूपी में रोहिंग्या (Rohingya) और अवैध नागरिकों के खिलाफ चलाया जा रहा अभियान गरीब तबके को परेशान करने का तरीका बनता जा रहा है। उन्होंने पूछा था कि यदि घुसपैठियों का खतरा इतना गंभीर है, तो बॉर्डर पर तैनात एजेंसियों की भूमिका और कार्यप्रणाली पर सरकार जवाब दे।फिलहाल उत्तर प्रदेश में रोहिंग्या और अवैध नागरिकों की पहचान के लिए विशेष अभियान जारी है, जिसके तहत कूड़ा बीनने वाले, सफाई कार्य में लगे लोगों और संदिग्ध निवासियों के दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है। जिनके पास वैध दस्तावेज नहीं मिल रहे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इस पूरे अभियान के बीच घुसपैठ को लेकर सियासत और तेज होती दिख रही है।
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