Delhi Blast: दिल्ली ब्लास्ट मामले में कार चला रहे आतंकवादी की पहचान हो गई है। दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने बताया है कि लाल किला विस्फोट स्थल से एकत्र किए गए नमूनों के डीएनए विश्लेषण से पुष्टि हुई है कि उमर नबी ब्लास्ट वाली कार चला रहा था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उमर नबी ( Umar Nabi) की मां और भाई के डीएनए नमूने एकत्र करके एम्स की फोरेंसिक प्रयोगशाला में भेजे गए, जहां उनका मिलान दिल्ली के लोक नायक अस्पताल में रखे शवों के अवशेषों से किया गया।
दरअसल धमाके के बाद i20 कार के स्टीयरिंग व्हील के पास उसके पैर का एक टुकड़ा मिला था। जांच अधिकारियों ने बाद में इसका मिलान उमर के डीएनए से किया। डीएनए परीक्षण से पुष्टि हुई कि उमर ( Umar Nabi) ही लाल किले के पास विस्फोट करने वाला व्यक्ति था। इतना ही नहीं इस मामले में एक और खुलासा हुआ है।
दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार, लाल किला विस्फोट के आरोपी डॉ. मुज़म्मिल, डॉ. अदील और शाहीन ने लगभग 20 लाख रुपये इकट्ठा किए, जो उमर को सौंपे गए। पैसों को लेकर उमर और मुज़म्मिल के बीच कुछ विवाद भी हुआ था। बाद में उन्होंने हरियाणा के गुरुग्राम, नूंह और आसपास के इलाकों से लगभग 3 लाख रुपये मूल्य का कई क्विंटल एनपीके उर्वरक खरीदा, जिसका इस्तेमाल आईईडी बनाने में किया गया। सूत्रों ने यह भी खुलासा किया कि उमर ने इस समूह के दो-चार सदस्यों के लिए सिग्नल ऐप भी बनाया था।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि लाल किले के पास ब्लास्ट करने से पहले, आतंकवादी उमर एक मस्जिद में गया था। वह वहां 10 मिनट से ज़्यादा समय तक रुका और फिर लाल किले की ओर चल पड़ा। 10 नवंबर की शाम लगभग 7 बजे, उमर ने अपनी गाड़ी समेत पूरी गाड़ी को उड़ा दिया। यह विस्फोट भारी ट्रैफ़िक के दौरान हुआ, जिससे उमर की गाड़ी में हुए विस्फोट ने आस-पास के कई वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। इस आतंकवादी हमले में अब तक मरने वालों की संख्या 12 हो गई है।
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