पटना: बिहार की राजधानी पटना के ऐतिहासिक सदाकत आश्रम में आज कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक शुरू हुई। राष्ट्रीय ध्वज फहराने और गगनभेदी नारों के बीच पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, और कांग्रेस के मुख्यमंत्री व कई केंद्रीय व राज्य स्तरीय नेता बैठक में शामिल हुए।
यह बैठक कई मायनों में ऐतिहासिक है, क्योंकि आजादी के बाद पहली बार CWC की बैठक बिहार में आयोजित की गई है। खरगे ने अपने संबोधन में केंद्र की मोदी सरकार पर करारा हमला बोला और कहा कि वोट काटना सिर्फ लोकतंत्र की हत्या नहीं, बल्कि गरीब के हक पर सीधी डकैती है।
खरगे ने आरोप लगाया कि देश में बड़े पैमाने पर वोटर लिस्ट में हेराफेरी हो रही है। इससे दलित, आदिवासी, पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्ग प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ वोट की चोरी का मामला ही नहीं, बल्कि गरीब की राशन, पेंशन, दवाइयों और शिक्षा की भी चोरी का मामला है।
खरगे ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए और कहा कि जब विभिन्न राज्यों में मतदाता सूची में गड़बड़ी के सबूत सामने आ रहे हैं, तब आयोग स्पष्टीकरण देने के बजाय उल्टा कांग्रेस से हलफनामा मांग रहा है।
बैठक के दौरान राहुल गांधी और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी देश की वर्तमान सामाजिक व राजनीतिक स्थिति, बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई, और संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता को लेकर चर्चा की। बैठक के बाद राहुल गांधी महागठबंधन के नेताओं से होटल चाणक्य में मुलाकात करेंगे और सीट बंटवारे सहित कई अहम मुद्दों पर रणनीति बनाई जाएगी।
खरगे ने कहा कि जिस प्रकार 1939 के रामगढ़ अधिवेशन में पहली बार संविधान सभा की बात उठी थी, उसी ऐतिहासिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आज बिहार की धरती से लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की नई प्रतिज्ञा ली जा रही है।
इस बैठक के जरिये कांग्रेस बिहार में अपनी राजनीतिक सक्रियता को फिर से स्थापित करने की कोशिश कर रही है, खासकर आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए।
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