Assam Earthquake Today: उत्तर-पूर्वी भारत के कई राज्यों में सोमवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप से लोगों में दहशत फैल गई। झटके काफी देर तक महसूस किए गए। जिससे लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। सुबह करीब 4 बजकर 17 मीनट पर आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.1 मापी गई। भूकंप का असर असम और पड़ोसी राज्यों मेघालय, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और मिजोरम देखा गया। इसके अलावा भारत के पड़ोसी देशों नेपाल, म्यांमार, बांग्लादेश, भूटान और चीन में भी महसूस किया गया।
हालांकि, भूकंप से किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं है। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी ने बताया कि भूकंप का केंद्र असम के मोरीगांव जिले से 14 किलोमीटर दूर 50 किलोमीटर की गहराई में था। जिससे झटके दूर-दूर तक महसूस किए गए। कुछ इलाकों में हल्के झटके तो कहीं-कहीं तेज कंपन महसूस किया गया। हालांकि राहत की बात ये है कि भूकंप से किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की कोई खबर नहीं है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग स्थिति पर नज़र रख रहे हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संवेदनशील इलाकों से लगातार जानकारी जुटाई जा रही है।
बता दें कि असम का इतिहास विनाशकारी भूकंपों से भरा है। इस क्षेत्र को देश के सबसे ज्यादा भूकंप संभावित क्षेत्रों में से एक माना जाता है। इसका मुख्य कारण भारतीय और यूरेशियाई टेक्टोनिक प्लेटों का टकराना है। इस टकराव के कारण इस क्षेत्र में बार-बार भूकंपीय गतिविधि और तेज झटके आते हैं। वैसे तो असम में भूकंप आते रहते है। लेकिन 12 जून, 1897 का शिलांग भूकंप असम और पूरे उत्तर-पूर्वी भारत के लिए एक भयानक आपदा साबित हुआ। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 8 से ज़्यादा थी। जिससे हज़ारों लोग प्रभावित हुए थे और बड़ी संख्या में घर, सड़कें और इमारतें गिर गईं थी। इस भूकंप का असर इतना ज़्यादा था कि कलकत्ता जैसे दूर के शहरों में भी तबाही के निशान दिखाई दिए थे।
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