Delhi blast : फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल के खुलासे और दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार में ब्लास्ट के बाद अल फलाह यूनिवर्सिटी (Al Falah University) का नाम मीडिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस संदर्भ में यूनिवर्सिटी ने एक आधिकारिक बयान जारी किया जिसमें उसने कहा कि उनका इस ब्लास्ट से कोई संबंध नहीं है।
यूनिवर्सिटी ने अपनी तरफ से सफाई दी है कि जो दो व्यक्तियों गिरफ्तार किए गए हैं और जिनमें से एक व्यक्ति इस ब्लास्ट में मारा गया, उनका विश्वविद्यालय से किसी प्रकार का कोई संबंध नहीं है। यूनिवर्सिटी ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि हम इस घटना के कारण प्रभावित परिवारों के साथ संवेदना प्रकट करते हैं, लेकिन हमारे नाम को इस घटना से जोड़ने की कोशिशें झूठी और बेबुनियादी हैं।
यूनिवर्सिटी के बयान में कहा गया है कि कुछ सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर उनके संस्थान के खिलाफ गलत जानकारी फैलायी जा रही है। इस तरह की मनगढ़ंत खबरों का मकसद केवल यूनिवर्सिटी की प्रतिष्ठा को धूमिल करना है। उन्होंने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय में प्रयोगशालाओं का इस्तेमाल केवल वैध शैक्षिक उद्देश्यों के लिए किया जाता है, जैसे कि मेडिकल और अन्य पाठ्यक्रमों के छात्रों का अध्ययन।
हम सभी से अपील करते हैं कि अगर हमारे विश्वविद्यालय से संबंधित कोई भी जानकारी मिले, तो उसे सत्यापित किए बिना साझा न करें, बयान में कहा गया। साथ ही, यूनिवर्सिटी ने यह भी स्पष्ट किया कि वे इस मामले में जांच में पूरी तरह से सहयोग करेंगे। अल फलाह यूनिवर्सिटी ने अपने 1997 से संचालित ग्रुप के तहत 2014 में विश्वविद्यालय के रूप में मान्यता प्राप्त की। मेडिकल शिक्षा की शुरुआत 2019 में हुई थी, और इस विश्वविद्यालय से प्रशिक्षित छात्र अब देश-विदेश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में सम्मानित पदों पर कार्यरत हैं।
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