Indian Stock Market Surge: पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को मजबूती के साथ शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में ही बाजार ने यह संकेत दे दिया कि घरेलू निवेशकों का भरोसा अभी भी कायम है। प्रमुख सूचकांक हरे निशान में खुले और शुरुआती घंटों में तेजी का रुख बनाए रखा।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स अपने पिछले बंद 76,631.65 के मुकाबले 489.36 अंकों की तेजी के साथ 77,121.01 पर खुला। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी50 भी 105.45 अंकों की बढ़त के साथ 23,880.55 पर खुला। बैंकिंग सेक्टर में भी मजबूती देखने को मिली और बैंक निफ्टी 360.55 अंक चढ़कर 55,182.25 पर पहुंच गया। खबर लिखे जाने तक सुबह करीब 9:38 बजे सेंसेक्स 497.82 अंकों की बढ़त के साथ 77,129.47 पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी50 159.85 अंक चढ़कर 23,934.95 के स्तर पर पहुंच गया। यह तेजी इस बात का संकेत है कि बाजार में खरीदारी का रुख बना हुआ है।
व्यापक बाजारों की बात करें तो मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने बेंचमार्क इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 दोनों में 1 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई। यह दर्शाता है कि निवेशकों की दिलचस्पी बड़े शेयरों के साथ-साथ छोटे और मध्यम कंपनियों में भी बनी हुई है।
सेक्टोरल इंडेक्स में भी व्यापक खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी मेटल, ऑटो, प्राइवेट बैंक, मीडिया, पीएसयू बैंक, रियल्टी और ऑयल एंड गैस सेक्टर में 1 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी रही। हालांकि आईटी सेक्टर पर दबाव बना रहा, जहां 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। फार्मा सेक्टर में हल्की बढ़त देखने को मिली। निफ्टी 50 के टॉप गेनर्स में श्रीराम फाइनेंस, एशियन पेंट्स, एक्सिस बैंक, आयशर मोटर्स, आईसीआईसीआई बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज ऑटो, बजाज फिनसर्व और एसबीआई शामिल रहे। इन शेयरों में खरीदारी के चलते बाजार को मजबूती मिली। दूसरी ओर, इंफोसिस, टीसीएस, सनफार्मा, एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा जैसे शेयरों में गिरावट देखने को मिली, जिससे आईटी सेक्टर कमजोर रहा।
विशेषज्ञों के अनुसार, हालिया गिरावट के बाद बाजार में आई यह तेजी निवेशकों के सकारात्मक रुख को दर्शाती है। उनका मानना है कि ऊर्जा कीमतों में संभावित गिरावट बाजार के लिए राहत भरी खबर हो सकती है। हालांकि इससे आर्थिक विकास पर हल्का दबाव और महंगाई में थोड़ी वृद्धि संभव है, लेकिन समग्र रूप से इक्विटी बाजार के लिए माहौल सकारात्मक बना रह सकता है। विश्लेषकों का यह भी कहना है कि आने वाला अर्निंग सीजन बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यदि कंपनियों के नतीजे उम्मीद के अनुरूप या बेहतर आते हैं, तो बाजार में और तेजी देखने को मिल सकती है।
तकनीकी विश्लेषण के आधार पर निफ्टी के लिए 23,660 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है। जब तक इंडेक्स इस स्तर के ऊपर बना रहता है, तब तक बाजार में तेजी का रुख कायम रह सकता है और 24,250 तक का स्तर देखने को मिल सकता है। हालांकि अगर निफ्टी इस सपोर्ट स्तर के नीचे फिसलता है, तो गिरावट बढ़ सकती है और यह 23,200 तक आ सकता है। कुल मिलाकर, वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद घरेलू बाजार में मजबूती बनी हुई है, जो निवेशकों के भरोसे और सकारात्मक आर्थिक संकेतों को दर्शाती है।
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