Stock Marlet Rally: वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और अमेरिका-ईरान के बीच संभावित शांति वार्ता की उम्मीदों ने बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी ला दी। पूरे दिन खरीदारी का माहौल बना रहा और अंततः बाजार मजबूती के साथ हरे निशान में बंद हुआ।
कारोबार के अंत में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,263.67 अंक यानी 1.63 प्रतिशत की छलांग लगाकर 78,111.24 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी भी 388.65 अंक या 1.63 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,231.30 के स्तर पर पहुंच गया। यह तेजी निवेशकों के मजबूत भरोसे और सकारात्मक वैश्विक माहौल का साफ संकेत है। दिन की शुरुआत भी जोश के साथ हुई थी। सेंसेक्स 77,981.10 पर खुला और कारोबार के दौरान 78,270.42 का इंट्रा-डे हाई छुआ। इसी तरह निफ्टी 24,163.80 पर खुलकर 24,280.90 के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया। पूरे दिन बाजार में खरीदारी का दबदबा बना रहा। सिर्फ लार्ज कैप ही नहीं, बल्कि ब्रॉडर मार्केट में भी जबरदस्त तेजी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 2.20 प्रतिशत उछला, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 2.35 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इससे साफ है कि छोटे और मझोले शेयरों में भी निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है।
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो लगभग सभी सेक्टर हरे निशान में बंद हुए। आईटी, मेटल, पीएसयू बैंक, मीडिया और रियल्टी सेक्टर में 2 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी देखने को मिली। वहीं ऑटो, एफएमसीजी, बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में भी 1 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। यह व्यापक तेजी बाजार की मजबूती को दर्शाती है। निफ्टी 50 के ज्यादातर शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। इंडिगो, पावरग्रिड, मैक्स हेल्थ, विप्रो, एचडीएफसी लाइफ, टेक महिंद्रा, टीसीएस, हिंडाल्को, एसबीआई लाइफ और एलएंडटी जैसे शेयरों में 3 से 4 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई। हालांकि, डॉ. रेड्डीज, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और ओएनजीसी जैसे कुछ शेयरों में हल्की गिरावट भी देखी गई।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के संकेतों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस बयान कि अगले दो दिनों में पाकिस्तान में वार्ता फिर शुरू हो सकती है, ने बाजार में सकारात्मक माहौल तैयार किया। इससे निवेशकों ने खुलकर खरीदारी की। इसके अलावा, वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में नरमी भी भारतीय बाजार के लिए राहत लेकर आई है। तेल की कीमतें घटकर 94-95 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में आ गई हैं, जिससे भारत के आयात बिल पर दबाव कम होगा। इसका सीधा फायदा रुपए को भी मिला, जो मजबूत होकर 93.50 के स्तर तक पहुंच गया।
विश्लेषकों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और रुपए में मजबूती से अर्थव्यवस्था को अल्पकालिक राहत मिल सकती है। साथ ही, अगर वैश्विक हालात इसी तरह सकारात्मक बने रहते हैं, तो आने वाले दिनों में बाजार में और तेजी देखने को मिल सकती है। कुल मिलाकर, बुधवार का दिन निवेशकों के लिए उत्साह से भरा रहा, जहां वैश्विक संकेतों और कूटनीतिक उम्मीदों ने बाजार को नई ऊर्जा दी।
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