Stock Market News Updates: भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत की। कच्चे तेल की लगातार बढ़ती कीमतों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में दबाव के चलते निवेशकों का रुख सतर्क नजर आया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 180.20 अंक यानी 0.23 प्रतिशत गिरकर 77,483.80 पर खुला, जबकि निफ्टी 72.50 अंक यानी 0.30 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 24,100.55 पर कारोबार करता दिखा।
बाजार की शुरुआत से ही बिकवाली का दबाव देखने को मिला, जिसमें आईटी सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित रहा। निफ्टी आईटी इंडेक्स शुरुआती सत्र में टॉप लूजर के रूप में उभरा। इसके अलावा निफ्टी फार्मा, हेल्थकेयर, सर्विसेज, प्राइवेट बैंक, मेटल और एफएमसीजी सेक्टर भी लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। इससे साफ संकेत मिलता है कि व्यापक बाजार में निवेशकों की धारणा कमजोर बनी हुई है। हालांकि, कुछ सेक्टरों में खरीदारी भी देखने को मिली। निफ्टी इंडिया डिफेंस, रियल्टी, एनर्जी, ऑटो, पीएसयू बैंक और कमोडिटी इंडेक्स हरे निशान में रहे, जिससे बाजार को कुछ हद तक सहारा मिला। यह दर्शाता है कि निवेशक पूरी तरह से बाजार से बाहर नहीं हुए हैं, बल्कि चुनिंदा सेक्टरों में अवसर तलाश रहे हैं। सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों में भी मिला-जुला रुख देखने को मिला। एसबीआई, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फिनसर्व, एनटीपीसी, कोटक महिंद्रा बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, इंडिगो, एलएंडटी और बजाज फाइनेंस जैसे शेयरों में बढ़त दर्ज की गई। वहीं दूसरी ओर एचसीएल टेक, इन्फोसिस, टीसीएस, सन फार्मा, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, टाइटन, आईटीसी, एचडीएफसी बैंक और टेक महिंद्रा जैसे दिग्गज शेयरों में गिरावट देखी गई।
लार्जकैप शेयरों के मुकाबले मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मिश्रित रुख नजर आया। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 85.55 अंक या 0.14 प्रतिशत की बढ़त के साथ 60,038.35 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 27 अंक गिरकर 17,693 पर आ गया। इससे संकेत मिलता है कि निवेशक जोखिम को लेकर सतर्क हैं और छोटे शेयरों में सीमित भागीदारी कर रहे हैं। वैश्विक स्तर पर भी बाजारों में कमजोरी का माहौल बना हुआ है। एशियाई बाजारों में शंघाई, हांगकांग, सोल, जकार्ता और बैंकॉक के बाजार लाल निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि टोक्यो में हल्की बढ़त देखी गई। वहीं अमेरिकी बाजार भी गुरुवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे। डाओ जोन्स 0.36 प्रतिशत की गिरावट के साथ 49,310.32 पर बंद हुआ, जबकि नैस्डैक 0.89 प्रतिशत गिरकर 24,438.50 पर आ गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में इस कमजोरी की सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की ऊंची कीमतें हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 106 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड 96 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी भू-राजनीतिक चिंताओं के कारण सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर टिक गई हैं। कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर भारत जैसे आयातक देशों पर पड़ता है। इससे महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है और कंपनियों की लागत भी बढ़ती है, जिसका असर उनके मुनाफे और शेयर कीमतों पर पड़ता है। यही वजह है कि निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं और बड़े निवेश से बच रहे हैं।
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