भारतीय शेयर बाजार को मिला ग्लोबल बूस्ट, सेंसेक्स 76 हजार के पार, निवेशकों में उत्साह

खबर सार :-
अमेरिका-ईरान तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने भारतीय शेयर बाजार को नई मजबूती दी है। निवेशकों का भरोसा लौटने से सेंसेक्स और निफ्टी में शानदार तेजी देखने को मिली। ऑटो, बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर बाजार की अगुवाई कर रहे हैं। यदि वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं, तो आने वाले दिनों में बाजार में और तेजी देखने को मिल सकती है।

भारतीय शेयर बाजार को मिला ग्लोबल बूस्ट, सेंसेक्स 76 हजार के पार, निवेशकों में उत्साह
खबर विस्तार : -

Stock Market News Updates:  वैश्विक स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव में नरमी आने के संकेतों ने भारतीय शेयर बाजार में नई ऊर्जा भर दी। सोमवार को सप्ताह के पहले कारोबारी दिन घरेलू बाजार मजबूत बढ़त के साथ खुले। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 720 अंकों की छलांग लगाकर 76,135 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 247 अंक चढ़कर 23,967 पर कारोबार करता दिखाई दिया। बाजार में आई इस तेजी ने निवेशकों के चेहरे पर फिर से मुस्कान लौटा दी।

ऑटो और बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी

भारतीय शेयर बाजार में आज शुरुआती कारोबार में ऑटो सेक्टर बाजार की तेजी का मुख्य आधार बना। निफ्टी ऑटो इंडेक्स में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। इसके अलावा पीएसयू बैंक, ऑयल एंड गैस, रियल्टी, फाइनेंशियल सर्विसेज, प्राइवेट बैंक और इंफ्रा सेक्टर भी मजबूती के साथ कारोबार करते नजर आए। केवल आईटी सेक्टर में हल्की कमजोरी देखी गई। विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और वैश्विक तनाव कम होने की वजह से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट राहत की खबर मानी जाती है। इससे महंगाई और आयात बिल पर दबाव कम होने की उम्मीद रहती है।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी शानदार तेजी

बाजार की मजबूती केवल लार्जकैप कंपनियों तक सीमित नहीं रही। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी निवेशकों ने जमकर खरीदारी की। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 183 अंक बढ़कर 18,149 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 433 अंकों की मजबूती के साथ 61,847 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। विश्लेषकों का कहना है कि बाजार में व्यापक खरीदारी यह संकेत देती है कि निवेशकों का रुझान अब जोखिम लेने की ओर बढ़ रहा है। विदेशी निवेशकों की सक्रियता और घरेलू संस्थागत निवेशकों का समर्थन भी बाजार को मजबूती प्रदान कर रहा है।

इन दिग्गज शेयरों ने दिखाई ताकत

सेंसेक्स में महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक, बजाज फिनसर्व, मारुति सुजुकी, अल्ट्राटेक सीमेंट, एसबीआई, कोटक महिंद्रा बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, टाइटन और अदाणी पोर्ट्स जैसे दिग्गज शेयर बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। वहीं दूसरी ओर टीसीएस, इन्फोसिस, सन फार्मा और एनटीपीसी जैसे कुछ शेयरों में हल्की गिरावट दर्ज की गई। आईटी शेयरों में कमजोरी की वजह अमेरिकी बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों को माना जा रहा है।

एशियाई बाजारों का भी मिला सकारात्मक साथ

भारतीय बाजार को एशियाई बाजारों से भी मजबूत समर्थन मिला। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग और बैंकॉक के बाजार हरे निशान में कारोबार करते दिखाई दिए। हालांकि जकार्ता बाजार में हल्की गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी शेयर बाजार भी शुक्रवार को मजबूती के साथ बंद हुए थे। डाओ जोंस 0.58 प्रतिशत और नैस्डैक 0.19 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ था। इससे वैश्विक निवेशकों की धारणा सकारात्मक बनी हुई है।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से राहत

अमेरिका और ईरान के बीच जारी वार्ता का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर भी देखने को मिला। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने संकेत दिए हैं कि दोनों देशों के बीच समझौते को लेकर बातचीत जारी है। इसमें होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा शामिल है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी कह चुके हैं कि वार्ता अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। इन संकेतों के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 5 प्रतिशत से अधिक गिरावट दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड 97.90 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड 91.12 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखाई दिया। तेल कीमतों में नरमी से भारतीय अर्थव्यवस्था को बड़ा फायदा मिल सकता है।

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