Indian Stock Market News: भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को सकारात्मक वैश्विक संकेतों के बीच शानदार शुरुआत की। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही मजबूत बढ़त के साथ खुले, जिससे निवेशकों का भरोसा फिर से मजबूत होता दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 1,133.53 अंक यानी 1.48 प्रतिशत की तेजी के साथ 77,981.10 के स्तर पर खुला, जबकि निफ्टी 321.15 अंक या 1.35 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,163.80 पर पहुंच गया।
बाजार की इस तेजी में सबसे बड़ा योगदान आईटी सेक्टर का रहा। आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी देखी गई, जिससे निफ्टी आईटी इंडेक्स टॉप गेनर के रूप में उभरा। प्रमुख आईटी कंपनियों जैसे Infosys, TCS, HCL Technologies और Tech Mahindra के शेयरों में अच्छी तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा, बाजार में व्यापक खरीदारी का माहौल देखने को मिला। निफ्टी पीएसयू बैंक, मेटल, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, रियल्टी, फाइनेंशियल सर्विसेज, कमोडिटी और मीडिया सेक्टर भी हरे निशान में कारोबार करते दिखे। यह संकेत देता है कि बाजार में केवल चुनिंदा सेक्टर ही नहीं बल्कि व्यापक स्तर पर निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को लार्जकैप शेयरों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी जबरदस्त तेजी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,150 अंक यानी 2.01 प्रतिशत चढ़कर 58,679 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 322 अंक या 1.92 प्रतिशत की तेजी के साथ 17,080 पर कारोबार कर रहा था। यह दर्शाता है कि निवेशक जोखिम लेने के मूड में हैं और छोटे शेयरों में भी दिलचस्पी बढ़ रही है।
सेंसेक्स के सभी 30 शेयरों में तेजी देखी गई, जो बाजार की मजबूती को दर्शाता है। टॉप गेनर्स में IndiGo, Larsen & Toubro, Bajaj Finance, UltraTech Cement, Adani Ports, Tata Steel, State Bank of India, HDFC Bank और Maruti Suzuki शामिल रहे।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह तेजी मुख्य रूप से वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों का असर है। एशियाई बाजारों जैसे टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, सोल और जकार्ता में मजबूती देखने को मिली, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा। वहीं, अमेरिकी बाजार भी पिछले सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए थे, जिससे निवेशकों का मनोबल बढ़ा। चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड के रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर के अनुसार, बाजार की शुरुआत सकारात्मक रही है, लेकिन वैश्विक स्तर पर बनी अस्थिरता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने निवेशकों को सलाह दी कि ऊंचे स्तरों पर सतर्क रहें और मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों में गिरावट आने पर ही खरीदारी करें।
विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों के आंकड़े भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। 13 अप्रैल को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 1,983 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 2,400 करोड़ रुपये से अधिक की खरीदारी की। यह दर्शाता है कि घरेलू निवेशक बाजार को सहारा दे रहे हैं, जिससे गिरावट सीमित रहती है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक संकेत, कच्चे तेल की कीमतें, डॉलर की चाल और कंपनियों के तिमाही नतीजे बाजार की दिशा तय करेंगे। फिलहाल, बाजार में सकारात्मक रुझान बना हुआ है, लेकिन उतार-चढ़ाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
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