वैश्विक तनाव का असर: Share Market हुआ धड़ाम, IT Sector में सबसे बड़ी मार

खबर सार :-
भारतीय शेयर बाजार में आई यह गिरावट वैश्विक तनाव और अनिश्चितता का परिणाम है। खासतौर पर आईटी सेक्टर में भारी बिकवाली ने बाजार को नीचे खींचा। हालांकि, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों की मजबूती कुछ संतुलन प्रदान करती है। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने और वैश्विक संकेतों पर नजर बनाए रखने की जरूरत है।

वैश्विक तनाव का असर: Share Market हुआ धड़ाम, IT Sector  में सबसे बड़ी मार
खबर विस्तार : -

Indian Stock Market crash : वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेत और मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनावों के बीच भारतीय शेयर बाजार ने सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन जोरदार गिरावट के साथ कारोबार खत्म किया। निवेशकों में सतर्कता और अनिश्चितता का माहौल देखने को मिला, जिसका सीधा असर प्रमुख सूचकांकों पर पड़ा।

बीएसई सेंसेक्स में 756 अंकों की गिरावट

कारोबार के अंत में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 756.84 अंक यानी 0.95 प्रतिशत की गिरावट के साथ 78,516.49 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 भी 198.50 अंक यानी 0.81 प्रतिशत फिसलकर 24,378.10 पर आ गया। दिन के दौरान बाजार में लगातार दबाव बना रहा, जिससे निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ा। दिन की शुरुआत भी कमजोर रही। सेंसेक्स 79,019.34 के स्तर पर खुला और कारोबार के दौरान 831 अंक तक गिरकर 78,442.30 के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह, निफ्टी 50 ने 24,470.85 पर शुरुआत की और 224 अंकों की गिरावट के साथ 24,352.90 तक लुढ़क गया। यह दर्शाता है कि पूरे दिन बाजार में बिकवाली का दबाव हावी रहा।

निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में बढ़त

हालांकि, व्यापक बाजारों ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 1.13 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.19 प्रतिशत चढ़कर बंद हुआ। इससे यह संकेत मिलता है कि निवेशक बड़े शेयरों से पैसा निकालकर छोटे और मध्यम शेयरों की ओर रुख कर रहे हैं। सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो आईटी सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली। निफ्टी आईटी इंडेक्स 3.89 प्रतिशत टूट गया, जो इस गिरावट का मुख्य कारण बना। इसके अलावा, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 0.87 प्रतिशत, निफ्टी प्राइवेट बैंक में 0.73 प्रतिशत और निफ्टी ऑटो में 0.66 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

हरे निशान में कई सेक्टर के शेयर

दूसरी ओर, कुछ सेक्टरों में मजबूती भी देखने को मिली। निफ्टी एफएमसीजी, मीडिया, रियल्टी, मेटल, पीएसयू बैंक और फार्मा सेक्टर हरे निशान में बंद हुए। इन सेक्टरों में खरीदारी ने बाजार को कुछ हद तक सहारा दिया, लेकिन यह बड़े सूचकांकों की गिरावट को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं था। निफ्टी 50 के शेयरों में टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एनटीपीसी, हिंडाल्को, अदाणी इंटरप्राइजेज और नेस्ले इंडिया जैसे शेयरों में 1 से 3 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई। ये शेयर बाजार में टॉप गेनर्स के रूप में उभरे।

आईटी कंपनियां रहीं सबसे आगे

वहीं, गिरावट वाले शेयरों में आईटी कंपनियां सबसे आगे रहीं। एचसीएल टेक के शेयरों में सबसे ज्यादा 10.74 प्रतिशत की भारी गिरावट देखी गई। इसके अलावा इंफोसिस, टीसीएस, टेक महिंद्रा, एमएंडएम, बजाज ऑटो, एचडीएफसी लाइफ और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में भी 1.5 से 3 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में इस गिरावट का मुख्य कारण वैश्विक अनिश्चितता है। मध्य पूर्व में जारी तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच युद्धविराम को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। साथ ही, होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी जारी रहने से कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर चिंता बनी हुई है, जिसका असर वैश्विक बाजारों पर पड़ रहा है।

इसके अलावा, निवेशक अमेरिकी नीतियों और वैश्विक आर्थिक संकेतकों पर भी नजर बनाए हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ईरान के साथ युद्धविराम को अनिश्चितकाल तक बढ़ाने और कूटनीतिक प्रयासों के जारी रहने की खबरों ने बाजार में असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है। कुल मिलाकर, बाजार में फिलहाल अस्थिरता बनी हुई है और निवेशक सावधानी के साथ कदम उठा रहे हैं। आने वाले दिनों में वैश्विक घटनाक्रम और आर्थिक संकेतक बाजार की दिशा तय करेंगे।

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