‘इंडिया-कनाडा एआई डायलॉग 2026’: जिम्मेदार, समावेशी और नैतिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए द्विपक्षीय सहयोग को नई दिशा

खबर सार :-
‘इंडिया-कनाडा एआई डायलॉग 2026’ ने यह स्पष्ट किया कि जिम्मेदार और नैतिक एआई के लिए वैश्विक सहयोग अनिवार्य है। भारत और कनाडा की साझा सोच तकनीकी नवाचार को मानव कल्याण से जोड़ती है। आने वाले समय में यह साझेदारी न केवल एआई नीति निर्माण को दिशा देगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर समावेशी विकास का आधार भी बनेगी।

‘इंडिया-कनाडा एआई डायलॉग 2026’: जिम्मेदार, समावेशी और नैतिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए द्विपक्षीय सहयोग को नई दिशा
खबर विस्तार : -

India Canada AI dialogue 2026: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में जिम्मेदार और समाजोपयोगी विकास को लेकर भारत और कनाडा के बीच सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। इसी दिशा में टोरंटो स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास द्वारा ‘इंडिया-कनाडा एआई डायलॉग 2026’ का आयोजन किया गया। इस उच्चस्तरीय संवाद में एआई को समावेशी, नैतिक और मानव-केंद्रित बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

वैश्विक एआई मंच की तैयारी का अहम पड़ाव

भारतीय वाणिज्य दूतावास के अनुसार, यह कार्यक्रम दुनिया के चुनिंदा प्री-समिट संवादों में से एक था, जिसका उद्देश्य नई दिल्ली में 19–20 फरवरी को आयोजित होने वाले ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ से पहले वैश्विक विचार-विमर्श को गति देना था। इस मंच ने दोनों देशों के नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत और शोधकर्ताओं को एक साथ लाकर भविष्य की एआई रणनीतियों पर चर्चा का अवसर दिया।

प्रतिष्ठित संस्थानों की साझेदारी

यह संवाद कनाडा के ओंटारियो प्रांत स्थित वाटरलू यूनिवर्सिटी, कनाडा इंडिया टेक काउंसिल और ज़ोहो इंक. के सहयोग से आयोजित किया गया। इस सहभागिता ने अकादमिक जगत, स्टार्टअप इकोसिस्टम और उद्योग क्षेत्र के बीच मजबूत तालमेल को दर्शाया। आयोजन में तकनीकी नवाचार के साथ-साथ एआई के सामाजिक और नैतिक पहलुओं पर भी गहन मंथन हुआ।

600 से अधिक विशेषज्ञों की भागीदारी

कार्यक्रम में कनाडा भर से 600 से ज्यादा वरिष्ठ प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनमें बड़ी टेक कंपनियों के शीर्ष अधिकारी, सरकारी नीति-निर्माता, शिक्षाविद, शोधकर्ता और नवाचार विशेषज्ञ शामिल थे। सभी ने इस बात पर सहमति जताई कि भारत और कनाडा का सहयोग न केवल आर्थिक विकास को गति देगा, बल्कि समाज के व्यापक हितों को भी साधेगा।

जिम्मेदार एआई पर भारत-कनाडा की साझा सोच

भारत के उच्चायुक्त दिनेश के. पटनायक ने कहा कि यह संवाद दोनों देशों की उस साझा सोच को दर्शाता है, जिसमें तकनीक का विकास जिम्मेदारी और नैतिक मूल्यों के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि भारत और कनाडा जैसे भरोसेमंद साझेदार मिलकर ऐसे एआई समाधान विकसित कर सकते हैं, जो वैश्विक स्तर पर प्रासंगिक हों और मानवता के हित में काम करें।

कनाडा सरकार का समर्थन और दृष्टिकोण

कनाडा के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल नवाचार मंत्री इवान सोलोमन ने कहा कि एआई अब भविष्य की तकनीक नहीं रही, बल्कि वर्तमान की आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि भारत और कनाडा की साझा जिम्मेदारी है कि यह तकनीक समाज को मजबूत करे और वास्तविक आर्थिक मूल्य पैदा करे। वहीं, ओंटारियो के प्रीमियर डग फोर्ड ने भारत-कनाडा के मजबूत व्यापारिक और तकनीकी संबंधों की सराहना करते हुए इस संवाद को द्विपक्षीय सहयोग के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।

टोरंटो: उभरता वैश्विक एआई हब

भारत के कार्यवाहक वाणिज्य दूत कपिध्वज प्रताप सिंह ने कहा कि टोरंटो आज दुनिया के सबसे गतिशील एआई इकोसिस्टम में से एक बन चुका है। उन्होंने कहा कि इस शहर में संवाद का आयोजन भारत और कनाडा के नवाचार जगत को जोड़ने की दिशा में एक ठोस और प्रभावी पहल है।

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