Akshaya Tritiya 2026 : अक्षय तृतीया (19 अप्रैल) से पहले आई एक ताज़ा रिपोर्ट ने भारत की पारंपरिक निवेश सोच को फिर सुर्खियों में ला दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया में अब तक निकाले गए कुल सोने का 11-16 प्रतिशत हिस्सा भारतीय परिवारों के पास है। यह मात्रा अमेरिका, जर्मनी, इटली और रूस के संयुक्त गोल्ड रिजर्व से भी अधिक बताई गई है। डिजिटल निवेश प्लेटफॉर्म ‘इनक्रेड मनी’ की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में हर तीन में से एक परिवार सोने को दीर्घकालिक निवेश के रूप में रखता है। यह सिर्फ आभूषण नहीं, बल्कि आर्थिक सुरक्षा का एक मजबूत स्तंभ बन चुका है।
भारत में सोना केवल धातु नहीं, बल्कि पीढ़ियों से जुड़ी आर्थिक रणनीति है। रिपोर्ट बताती है कि मुद्रास्फीति, मुद्रा संकट और वैश्विक अस्थिरता के दौर में सोना हमेशा सुरक्षित निवेश बना रहा। कभी ऐसा भी समय था जब भारतीय परिवारों के पास मौजूद सोने की कुल कीमत देश के GDP के 100% से अधिक आंकी गई। यह दर्शाता है कि भारत में सोने का सामाजिक और आर्थिक महत्व कितना गहरा है।

मार्च 2025 से मार्च 2026 के बीच सोने की कीमतों में लगभग 90% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके पीछे कई वैश्विक कारण हैं, जिनमें केंद्रीय बैंकों द्वारा हर साल 1000 टन से ज्यादा सोने की खरीद, रूस के विदेशी मुद्रा भंडार फ्रीज होने जैसी घटनाएं और डॉलर आधारित संपत्तियों पर बढ़ता जोखिम शामिल हैं। इसी कड़ी में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा लंदन से गोल्ड रिजर्व वापस मंगवाना और चीन की नई निवेश नीति भी सोने की मांग को मजबूत कर रही है। सिर्फ सोना ही नहीं, चांदी ने भी निवेशकों को चौंकाया है। 2025 में घरेलू चांदी की कीमतों में 170% से अधिक उछाल आया, जबकि सोना 76% से ज्यादा बढ़ा। यह प्रदर्शन निफ्टी और S&P 500 जैसे बड़े शेयर बाजार सूचकांकों से भी बेहतर रहा, जिससे निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ। MCX पर सोना-चांदी रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर गुरुवार सुबह सोना (5 जून 2026 कॉन्ट्रैक्ट): ₹1,54,964 प्रति 10 ग्राम (+0.66%) और चांदी (5 मई 2026 कॉन्ट्रैक्ट): ₹2,55,000 प्रति किलोग्राम (+1.29%) पर था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने औऱ चांदी की कीमतों में तेजी जारी रही। यहां सोना 4,856 डॉलर प्रति औंस और चांदी 80 डॉलर प्रति औंस के भाव में थी।
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका के कमजोर उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) आंकड़ों के बाद डॉलर इंडेक्स में गिरावट आई है। इससे सोना विदेशी निवेशकों के लिए सस्ता और आकर्षक हो गया है। साथ ही, भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक अनिश्चितता ने भी सोने को “सेफ हेवन” एसेट के रूप में मजबूत किया है।
अक्षय तृतीया को भारत में सोना खरीदना बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन की गई खरीद को समृद्धि और स्थिरता का प्रतीक समझा जाता है। बढ़ती कीमतों के बावजूद, ज्वैलर्स को इस साल भी मजबूत मांग की उम्मीद है, खासकर छोटे निवेशकों और डिजिटल गोल्ड खरीदारों से।
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