घायल अधिवक्ता धर्मात्मा सिंह से मिले कक्कू पांडेय और बार महासचिव दिनेश दूबे, हरसंभव मदद का दिया भरोसा

खबर सार :-

इसौली के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी कृष्ण कुमार पांडे उर्फ ​​कक्कू पांडे और बार महासचिव दिनेश कुमार दुबे हमले में घायल वकील धर्मात्मा सिंह से मिलने मेडिकल कॉलेज पहुंचे और उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली।
घायल अधिवक्ता धर्मात्मा सिंह से मिले कक्कू पांडेय और बार महासचिव दिनेश दूबे, हरसंभव मदद का दिया भरोसा

खबर विस्तार : -

सुल्तानपुर: शहर के मेडिकल कॉलेज में भर्ती हमले में घायल अधिवक्ता धर्मात्मा सिंह से पूर्व विधानसभा प्रत्याशी इसौली कृष्ण कुमार पांडेय उर्फ कक्कू पांडेय और बार एसोसिएशन के महासचिव दिनेश कुमार दूबे ने मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। दोनों नेताओं ने चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। इस दौरान उन्होंने घायल अन्य लोगों के जल्द स्वस्थ होने की भी कामना की।

न्याय दिलाने का दिया भरोसा

मुलाकात के दौरान कक्कू पांडेय ने कहा कि अधिवक्ताओं पर इस प्रकार का हमला बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर सहयोग किया जाएगा और यदि किसी प्रकार की आवश्यकता होगी तो वह उनके साथ खड़े रहेंगे। बार महासचिव दिनेश कुमार दूबे ने भी घायल अधिवक्ता का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि पूरा अधिवक्ता समाज उनके साथ है और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।

क्या है पूरा मामला

गौरतलब है कि धम्मौर थाना क्षेत्र के नरही भांटी निवासी अधिवक्ता धर्मात्मा सिंह अपने साथियों के साथ 21 जून को नगर कोतवाली क्षेत्र के रुद्रनगर स्थित लक्ष्मी भोजनालय में भोजन करने गए थे। आरोप है कि इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया, जिसके बाद होटल संचालक पूरन पोपटानी, उनके भतीजे हर्षित पोपटानी तथा अन्य लोगों ने लोहे की रॉड, बेलचे और अन्य धारदार हथियारों से हमला कर दिया। इस हमले में अधिवक्ता धर्मात्मा सिंह के अलावा बिपिन पाण्डेय और राजन पाठक भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद घायलों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

मुख्य आरोपी गिरफ्तार बाकियों की तलाश

पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी पूरन पोपटानी, हर्षित पोपटानी, चन्द्रभूषण गुप्ता और अर्श श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। हालांकि, घटना में शामिल अन्य आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। पीड़ित पक्ष ने सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और मामले में निष्पक्ष व कठोर कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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