झांसी में चलती ट्रेनों पर पथराव से दहशत, वीडियो वायरल होने के बाद आरपीएफ ने तेज की आरोपियों की तलाश

खबर सार :-

रेलवे प्रशासन ने पथराव की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए पहले भी कई प्रयास किए थे। आरपीएफ ने रेलवे ट्रैक से सटे गांवों में जागरूकता अभियान चलाया, लोगों से संपर्क कर ऐसे मामलों की सूचना देने की अपील की और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी भी बढ़ाई। बावजूद इसके घटनाओं में अपेक्षित कमी नहीं आ सकी है।
झांसी में चलती ट्रेनों पर पथराव से दहशत, वीडियो वायरल होने के बाद आरपीएफ ने तेज की आरोपियों की तलाश

खबर विस्तार : -

झांसीः झांसी रेल मंडल में चलती ट्रेनों पर पथराव की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। बीते चार दिनों के भीतर दो अलग-अलग ट्रेनों पर हुए पथराव के मामलों ने रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की चिंता बढ़ा दी है। ताजा मामला उस समय सामने आया जब रेलवे स्टेशन से करीब एक किलोमीटर दूर पुलिया नंबर-9 के पास कुछ युवकों ने चलती ट्रेन पर पत्थर फेंके। हैरानी की बात यह रही कि एक युवक पत्थर बरसाता रहा, जबकि उसका साथी उसे उकसाते हुए पूरी घटना का वीडियो बनाता रहा। बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया, जिसके बाद आरपीएफ तत्काल हरकत में आ गई और वीडियो में दिखाई दे रहे युवकों की पहचान कर उनकी तलाश शुरू कर दी।

खतरे में यात्रियों की जान

जानकारी के अनुसार वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि युवक रेलवे ट्रैक के किनारे खड़े होकर तेज रफ्तार से गुजर रही ट्रेन को निशाना बना रहे हैं। इस दौरान ट्रेन के यात्रियों की जान खतरे में पड़ गई। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं। यदि पत्थर किसी यात्री को लग जाए या लोको पायलट का ध्यान भंग हो जाए तो गंभीर दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

गौरतलब है कि गुरुवार दोपहर झांसी से नई दिल्ली जा रही गतिमान एक्सप्रेस पर भी अराजक तत्वों ने पथराव किया था। इस घटना में ई-2 कोच का शीशा टूट गया था। आरपीएफ इस मामले की जांच कर ही रही थी कि शनिवार को ग्वालियर से बरौनी जा रही बरौनी मेल पर मुस्तरा स्टेशन के पास फिर पथराव की घटना सामने आ गई। लगातार दो घटनाओं ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं

झांसी रेल मंडल में इससे पहले भी कई बार ट्रेनों को निशाना बनाया जा चुका है। पिछले वर्ष जुलाई में शताब्दी एक्सप्रेस पर विदिशा, मुस्तरा और ग्वालियर के बीच तीन अलग-अलग स्थानों पर पथराव हुआ था। इनमें से एक मामले में झांसी आरपीएफ थाने में मुकदमा भी दर्ज किया गया था, लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। इसके अलावा गतिमान एक्सप्रेस और बरौनी मेल पर हुई पूर्व की घटनाओं में भी जांच के बावजूद पत्थरबाजों का कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया।

वायरल वीडियो पर लिया गया संज्ञान

आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक योगेश राणा ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का गंभीरता से संज्ञान लिया गया है। वीडियो के आधार पर पूरी घटना की जांच की जा रही है और उसमें दिखाई दे रहे युवकों की पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आरोपियों के पकड़े जाने पर उनके खिलाफ रेलवे अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष रेलवे ट्रैक पर संदिग्ध गतिविधियों और ट्रेनों को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं के बाद रेलवे ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी थी। कानपुर समेत अन्य स्थानों पर ट्रेन पलटाने के षड्यंत्र सामने आने के बाद डायल-112 और स्थानीय पुलिस को भी रेलवे ट्रैक की निगरानी के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद ट्रेनों पर पथराव जैसी घटनाएं लगातार सामने आना रेलवे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बन गई हैं। अब वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश तेज कर दी गई है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

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