जल जीवन मिशन की टंकी अधूरी, नलों में जंग, बबुरी गांव में हजारों ग्रामीण पेयजल के लिए परेशान
खबर सार :-
सुलतानपुर के बबुरी गांव में जल जीवन मिशन की पानी की टंकी का निर्माण अधूरा है। ग्रामीणों ने प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगाते हुए जांच और जल्द पेयजल आपूर्ति शुरू कराने की मांग की।
खबर विस्तार : -
अलीगंज/सुलतानपुर। केंद्र एवं प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक परिवार तक शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल पहुंचाना है, कुड़वार विकासखंड की ग्राम पंचायत बबुरी में जिम्मेदारों की कथित उदासीनता का शिकार होती नजर आ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2023-24 में शुरू हुआ पानी की टंकी का निर्माण कार्य वर्षों बाद भी पूरा नहीं हो सका है। टंकी का ढांचा अधूरा खड़ा है और गांव में बिछाई गई पाइपलाइन तथा लगाए गए नल भी उपयोग के अभाव में खराब होने लगे हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक जल जीवन मिशन के तहत जब गांव में योजना का काम शुरू हुआ तो लोगों में काफी उत्साह था। शुरुआती दौर में निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ा। कुछ ही समय में पानी की ऊंची टंकी का ढांचा तैयार कर दिया गया। इसके साथ ही गांव की गलियों में पाइपलाइन बिछाने और घरों तक कनेक्शन पहुंचाने का काम भी किया गया। उस समय ग्रामीणों को उम्मीद थी कि जल्द ही उनके घरों में नल से स्वच्छ पेयजल पहुंचने लगेगा।
लेकिन शुरुआती तेजी के बाद निर्माण कार्य की रफ्तार अचानक धीमी पड़ गई। धीरे-धीरे काम लगभग बंद हो गया और परियोजना अधूरी रह गई। वर्तमान में पानी की टंकी का निर्माण पूरा नहीं होने के कारण ग्रामीणों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। वहीं, गांव में लगाए गए नल लंबे समय से पानी का इंतजार कर रहे हैं और कई स्थानों पर जंग लगने के साथ उनकी स्थिति खराब होती जा रही है।
हजारों की आबादी आज भी पेयजल के लिए निर्भर
ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत की बड़ी आबादी आज भी स्वच्छ पेयजल के लिए हैंडपंपों और निजी जलस्रोतों पर निर्भर है। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को कई बार पानी के लिए दूर तक जाना पड़ता है। गर्मी के मौसम में जलस्रोतों पर भीड़ बढ़ने से समस्या और गंभीर हो जाती है। वहीं बरसात के दौरान पानी की गुणवत्ता को लेकर भी ग्रामीणों में चिंता बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की ओर से ‘हर घर नल, हर घर जल’ का उद्देश्य प्रत्येक परिवार तक पाइपलाइन के माध्यम से पेयजल पहुंचाना है, लेकिन बबुरी में योजना का लाभ अभी तक धरातल पर दिखाई नहीं दे रहा है। लोगों का आरोप है कि करोड़ों रुपये की लागत से संचालित बताई जा रही योजना में निर्माण कार्य पूरा नहीं होने के कारण सरकारी धन के उपयोग और योजना के क्रियान्वयन पर सवाल उठ रहे हैं।
शिकायतों के बाद भी नहीं हुआ समाधान
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार उन्होंने कई बार ग्राम पंचायत स्तर से लेकर विकासखंड कार्यालय और जिला प्रशासन तक समस्या की जानकारी दी। ग्रामीणों का कहना है कि हर बार उन्हें जल्द निर्माण कार्य पूरा कराने का आश्वासन दिया गया, लेकिन मौके पर स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित विभाग और कार्यदायी संस्था एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर मामले से बचने का प्रयास कर रहे हैं। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। उनका कहना है कि यदि समय रहते परियोजना को पूरा कर दिया जाता तो आज गांव के परिवारों को पेयजल के लिए दूसरे स्रोतों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।
अभिलेखों में प्रगति, धरातल पर अधूरा काम होने का आरोप
ग्रामीणों ने यह भी आशंका जताई है कि कहीं सरकारी अभिलेखों में योजना को पूर्ण अथवा प्रगति पर न दर्शाया गया हो, जबकि मौके पर निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। हालांकि इस संबंध में किसी विभागीय अधिकारी का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे मामले की जांच मौके पर जाकर की जाए और वास्तविक स्थिति तथा सरकारी रिकॉर्ड का मिलान कराया जाए। लोगों का कहना है कि जांच के दौरान निर्माण की गुणवत्ता, योजना में खर्च की गई धनराशि, अब तक किए गए भुगतान, पाइपलाइन और नलों की स्थिति तथा कार्यदायी संस्था की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। यदि किसी स्तर पर अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
जिलाधिकारी से उच्चस्तरीय जांच की मांग
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से जल जीवन मिशन के तहत बबुरी ग्राम पंचायत में कराए जा रहे कार्य की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच के साथ अब तक हुए भुगतान का सत्यापन कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जांच के बाद जिम्मेदार अधिकारियों और कार्यदायी संस्था की जवाबदेही तय की जाए तथा यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाए।
इसके साथ ही ग्रामीणों ने अधूरे पड़े पानी की टंकी के निर्माण को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने और पाइपलाइन व्यवस्था को दुरुस्त कर प्रत्येक पात्र परिवार तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल पहुंचाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जल जीवन मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजना तभी सफल मानी जाएगी, जब उसका वास्तविक लाभ गांव के अंतिम परिवार तक पहुंचे। बबुरी के ग्रामीण अब आश्वासन के बजाय अधूरे कार्य को पूरा होते और घरों में नियमित नल से पानी पहुंचते देखना चाहते हैं।
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