जिले में हो उर्वरकों की जमाखोरी एवं कालाबाजारी पर नियमित निगरानीः जिला कलेक्टर
खबर सार :-
जिले में उर्वरकों की जमाखोरी और कालाबाजारी की नियमित मॉनिटरिंग करने के लिए जिला कलेक्टर ने फर्टिलाइजर्स डिस्ट्रीब्यूशन रेगुलेटरी टास्क फोर्स कमेटी की बैठक में निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि विभागीय अनुशंसा के अनुसार किसानों को उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
खबर विस्तार : -
श्री गंगानगर : उर्वरक वितरण नियामक टास्क फोर्स समिति की बैठक शुक्रवार को जिला कलेक्टर डॉ. मंजू की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई। इस दौरान जिला कलेक्टर ने उपलब्धता एवं मांग की समीक्षा की तथा समिति के पदाधिकारियों को निर्देश दिए। जिले में उर्वरकों की जमाखोरी एवं कालाबाजारी पर नियमित निगरानी रखी जाए। बैठक में जिला कलेक्टर ने उर्वरकों की मांग का आकलन करते हुए रिपोर्ट उच्च स्तर पर भेजने के निर्देश दिए तथा कहा कि आपूर्ति होने पर जिले के सभी क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार वितरण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने उर्वरकों की जमाखोरी एवं कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए उर्वरक निरीक्षकों के माध्यम से प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए कहा कि जिले में आपूर्ति के लिए राज्य स्तर से कम्पनियों को निर्देशित मात्रा की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। सीजन के दौरान जिन क्षेत्रों में मांग बढ़ने की संभावना है, उन्हें चिन्हित कर राज्य स्तर पर अग्रिम सूचना देने के निर्देश देते हुए जिला कलेक्टर ने कहा कि विभागीय अनुशंसा के अनुसार किसानों को उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाए। जिले में लगातार एवं अधिक मात्रा में यूरिया क्रय करने वालों की जानकारी पोर्टल से प्राप्त की जाए तथा प्रतिमाह भौतिक सत्यापन किया जाए। जिले के सभी क्षेत्रों में उर्वरकों की आपूर्ति समान रूप से सुनिश्चित की जाए तथा कम उपलब्धता की स्थिति में जमाबंदी के आधार पर राशनिंग की जाए तथा पारदर्शी तरीके से सभी किसानों में समान रूप से उर्वरकों का वितरण किया जाए।
बैठक में उन्होंने कहा कि यूरिया के गैर-कृषि उपयोग एवं कालाबाजारी को रोकने के लिए औद्योगिक इकाइयों का सघन निरीक्षण कर कार्रवाई की जाए। साथ ही, उर्वरकों के अवैध भंडारण, कालाबाजारी एवं अनावश्यक टैगिंग को प्रभावी ढंग से रोकने के लिए विभागीय अधिकारी नियमित कार्रवाई करें। जिला स्तर पर उर्वरकों के समुचित प्रबंधन के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित करते हुए किसानों को डीएपी के वैकल्पिक उर्वरक एसएसपी, यूरिया एवं एनपीके उर्वरकों के साथ-साथ जैविक एवं जैविक उर्वरकों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए तथा जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाए। इस अवसर पर एडीएम विजिलेंस रीना, कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. सतीश कुमार शर्मा, संजय गर्ग, दीपक कुक्कड़, कुलदीप वालिया, जगजीत सिंह आदि उपस्थित थे।
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